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30 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : Punjab में कई रेस्टोरेंट और खाने-पीने के प्रतिष्ठान एक बड़े टैक्स घोटाले के आरोपों में घिर गए हैं। जांच में सामने आया है कि कुछ ईटरीज़ कथित तौर पर अपने बिलिंग ऐप्स से कैश में किए गए लेन-देन के रिकॉर्ड को डिलीट कर रहे थे, जिससे सरकार को लगभग ₹100 करोड़ के GST का नुकसान हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, यह पूरा खेल डिजिटल बिलिंग सिस्टम के जरिए किया जा रहा था। ग्राहक से कैश में भुगतान लेने के बाद उस बिल को ऐप में दर्ज किया जाता था, लेकिन बाद में उसे डिलीट कर दिया जाता था, जिससे वह लेन-देन आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं होता था। इस तरह टैक्स की देनदारी से बचने की कोशिश की जाती थी।

जांच एजेंसियों को शक तब हुआ जब कुछ प्रतिष्ठानों के घोषित टर्नओवर और वास्तविक कारोबार में बड़ा अंतर पाया गया। इसके बाद कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से डिजिटल डिवाइस, बिलिंग सॉफ्टवेयर और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ ईटरीज़ ने विशेष सॉफ्टवेयर या ऐप्स का इस्तेमाल किया, जिनमें बिल को बाद में एडिट या डिलीट करने की सुविधा थी। इस तकनीक का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की गई।

GST विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ कुछ प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं हो सकता और इसमें एक बड़ा नेटवर्क शामिल होने की आशंका है। जांच को आगे बढ़ाते हुए अन्य शहरों और क्षेत्रों में भी इसी तरह की गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।

इस खुलासे के बाद राज्य सरकार और टैक्स विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों पर भारी जुर्माना लगाने और कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा, बिलिंग सिस्टम को और सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नए नियमों पर भी विचार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सिस्टम जहां पारदर्शिता बढ़ाते हैं, वहीं उनके दुरुपयोग की संभावना भी रहती है। इसलिए समय-समय पर ऑडिट और निगरानी बेहद जरूरी है।

इस घटना का असर आम ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। कई बार ग्राहक कैश में भुगतान करते समय बिल लेने से बचते हैं, जिससे ऐसे घोटालों को बढ़ावा मिलता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे हमेशा बिल लें, चाहे भुगतान का तरीका कोई भी हो।

Punjab में यह मामला सामने आने के बाद अन्य राज्यों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। संभावना है कि आने वाले समय में देशभर में इस तरह की जांच तेज की जा सकती है।

कुल मिलाकर, यह मामला टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को उजागर करता है। अगर समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे घोटाले सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सारांश:

पंजाब में ईटरीज़ पर ऐप से कैश बिल डिलीट कर ₹100 करोड़ GST चोरी का आरोप, जांच जारी, सरकार ने सख्ती बढ़ाई और ग्राहकों से बिल लेने की अपील की।

Bharat Baani Bureau

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