28 अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  Chennai में हाल के दिनों में Measles के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों के टीकाकरण को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें, क्योंकि एक भी डोज छूटना संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार, Measles एक अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है, जो खासकर बच्चों को तेजी से प्रभावित करती है। यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या हवा के जरिए फैल सकती है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, लाल आंखें और शरीर पर दाने शामिल हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर वैक्सीनेशन है। आमतौर पर खसरे की वैक्सीन दो डोज में दी जाती है, और दोनों डोज लेना जरूरी होता है। यदि किसी बच्चे की एक भी डोज छूट जाती है, तो उसकी प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) पूरी तरह विकसित नहीं हो पाती, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है।

Chennai में सामने आए मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और टीकाकरण अभियान को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। स्कूलों और स्थानीय समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को समय पर वैक्सीन मिल सके।

डॉक्टरों ने यह भी बताया कि कई बार माता-पिता लक्षणों को सामान्य सर्दी-खांसी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि शहरी क्षेत्रों में भी वैक्सीनेशन गैप एक बड़ी समस्या बन रहा है। कुछ परिवारों में जानकारी की कमी या लापरवाही के कारण बच्चों का टीकाकरण अधूरा रह जाता है, जो बाद में संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है।

हालांकि, सही समय पर पहचान और इलाज से Measles को नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन गंभीर मामलों में यह निमोनिया या अन्य जटिलताओं का कारण भी बन सकता है, जो बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है।

कुल मिलाकर, Chennai में बढ़ते मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टीकाकरण में कोई भी चूक बड़ी समस्या बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का पूरा टीकाकरण सुनिश्चित करें, ताकि इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

सारांश:

चेन्नई में खसरे के मामले बढ़े, डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि वैक्सीन की एक भी डोज छूटने से जोखिम बढ़ता है, इसलिए बच्चों का पूरा टीकाकरण जरूरी है।

Bharat Baani Bureau

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