18 मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बीच मंगलवार को शानदार रिकवरी देखने को मिली। शुरुआती गिरावट के बाद BSE Sensex दिन के निचले स्तर से करीब 1,200 अंक उछल गया, जबकि Nifty 50 23,650 के ऊपर पहुंच गया। बाजार की इस मजबूत वापसी ने निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ा दिया।
कारोबार की शुरुआत कमजोर रही थी। वैश्विक तनाव, Iran युद्ध से जुड़ी चिंताओं और तेल कीमतों में तेजी के कारण निवेशकों में घबराहट देखी गई। शुरुआती घंटों में बैंकिंग, IT और ऑटो सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा।
हालांकि दिन बढ़ने के साथ बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की खरीदारी और कुछ प्रमुख सेक्टर्स में मजबूत रिकवरी ने बाजार को तेजी की ओर मोड़ दिया।
विश्लेषकों के अनुसार, सबसे बड़ा समर्थन बैंकिंग और वित्तीय शेयरों से मिला। बड़े निजी बैंकों और चुनिंदा PSU बैंकों में खरीदारी बढ़ने से इंडेक्स को मजबूती मिली।
इसके अलावा, मेटल और ऊर्जा शेयरों में भी तेजी देखी गई। सरकार द्वारा धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले से मेटल सेक्टर में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर व्यापक बाजार पर भी दिखाई दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की रिकवरी के पीछे short covering भी एक बड़ा कारण रही। शुरुआती गिरावट में कई ट्रेडर्स ने bearish positions बनाई थीं, लेकिन बाजार के संभलते ही उन्हें तेजी से खरीदारी करनी पड़ी, जिससे उछाल और तेज हो गया।
वैश्विक बाजारों से भी कुछ राहत संकेत मिले। अमेरिकी फ्यूचर्स में सुधार और एशियाई बाजारों में स्थिरता ने भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
इस बीच, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी रही। हाल के दिनों में लगातार बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी भारतीय बाजार को समर्थन देती दिख रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत ग्रोथ उम्मीदें, कॉर्पोरेट आय में सुधार और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बाजार के लिए सकारात्मक कारक बने हुए हैं।
हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बड़ा जोखिम बना हुआ है। Iran युद्ध, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, Nifty 50 का 23,650 के ऊपर टिकना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस स्तर को बनाए रखता है, तो आगे और तेजी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी रुचि बढ़ी। कई सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, जिससे बाजार की व्यापक मजबूती दिखाई दी।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में निवेशकों को अत्यधिक उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। वे लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर फोकस बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, दिन की भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार की शानदार वापसी ने यह संकेत दिया कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है। Sensex और Nifty की यह रिकवरी बाजार की मजबूती और निवेशकों की सकारात्मक धारणा को दर्शाती है।
Summary
Sensex दिन के निचले स्तर से 1,200 अंक उछला और Nifty 23,650 के ऊपर पहुंचा, जिसमें बैंकिंग, मेटल शेयरों की तेजी और short covering ने अहम भूमिका निभाई।
