7 जुलाई 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : फ्रांस के स्टार फुटबॉलर Kylian Mbappé ने मैच के बाद पराग्वे के एक सीनेटर द्वारा की गई कथित नस्लीय टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है। एमबाप्पे ने कहा कि फुटबॉल में नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है और खेल का उद्देश्य लोगों को जोड़ना है, न कि उन्हें उनकी नस्ल या पहचान के आधार पर बांटना।
रिपोर्टों के अनुसार, विवाद एक मैच के बाद सामने आया, जब पराग्वे के एक सीनेटर की कथित टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया और फुटबॉल जगत में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस घटना के बाद कई खिलाड़ियों, प्रशंसकों और खेल से जुड़े लोगों ने नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाई।
एमबाप्पे ने अपने बयान में सम्मान, समानता और खेल भावना पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी या व्यक्ति के साथ नस्लीय भेदभाव स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने फुटबॉल समुदाय से ऐसी घटनाओं के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की।
हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में नस्लवाद का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। विभिन्न प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार की घटनाओं के बाद फुटबॉल की वैश्विक संस्थाओं और राष्ट्रीय महासंघों ने ऐसे मामलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही है।
विश्लेषकों का मानना है कि शीर्ष खिलाड़ियों द्वारा सार्वजनिक रूप से नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाना जागरूकता बढ़ाने और खेल में समानता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस मामले पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं और संभावित कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। फुटबॉल प्रशंसकों और मानवाधिकार समर्थकों ने भी खेल में सम्मान और समावेशिता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया है।
