27 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : मोहाली के Suntec City को दिए गए संशोधित चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) के बाद अब 2021 से मंजूर किए गए ऐसे 10 अन्य CLU मामलों पर भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की नजर पड़ गई है। इससे पंजाब में भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़ी मंजूरियों और उनके पीछे की प्रक्रिया को लेकर जांच का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
मामला मूल रूप से मोहाली में Suntec City को दिए गए संशोधित CLU से जुड़ा है। यह मंजूरी डायरेक्टर ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (DTCP) द्वारा दी गई थी। अब सामने आया है कि इसी तरह की प्रक्रिया के तहत 2021 के बाद कई अन्य मामलों में भी CLU मंजूर किए गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, DTCP ने 2021 से ऐसे 10 CLU मंजूर किए हैं, जिनकी प्रक्रिया अब जांच एजेंसियों के रडार पर है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि इन मंजूरियों के लिए अपनाई गई प्रक्रिया क्या एक समान थी और क्या सभी मामलों में निर्धारित नियमों का पालन किया गया था।
CLU यानी Change of Land Use किसी जमीन के निर्धारित उपयोग को बदलने की अनुमति होती है। उदाहरण के लिए, किसी जमीन का इस्तेमाल कृषि या अन्य उद्देश्य के लिए निर्धारित हो और बाद में उसे व्यावसायिक या किसी अन्य उपयोग के लिए बदलने की अनुमति दी जाए, तो इसके लिए संबंधित प्राधिकरण से CLU की मंजूरी आवश्यक होती है।
मोहाली और उसके आसपास के इलाकों में जमीन और रियल एस्टेट से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट लंबे समय से आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहे हैं। ऐसे में भूमि उपयोग में बदलाव की मंजूरियां डेवलपर्स और परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण होती हैं।
Suntec City मामले के सामने आने के बाद अब अन्य CLU मामलों की ओर भी ध्यान जाना इस बात का संकेत है कि जांच केवल एक परियोजना तक सीमित नहीं रह सकती। यदि जांच में किसी प्रक्रिया में अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और लाभार्थियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
हालांकि, किसी मामले का जांच के दायरे में आना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वहां नियमों का उल्लंघन हुआ है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित दस्तावेजों तथा प्रक्रियाओं की जांच के बाद ही सामने आएगा।
इन CLU मामलों में भूमि की स्थिति, प्रस्तावित उपयोग, मंजूरी की शर्तें और संबंधित विभागों द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच एजेंसियां यह भी देख सकती हैं कि क्या जमीन के उपयोग में बदलाव के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां और दस्तावेज मौजूद थे।
मोहाली में तेजी से हो रहे शहरी और व्यावसायिक विस्तार के बीच जमीन से जुड़े फैसले राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में CLU की मंजूरियों को लेकर किसी भी तरह की जांच का असर संबंधित परियोजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
इस पूरे मामले में DTCP की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि CLU से संबंधित मंजूरियां इसी विभागीय व्यवस्था के तहत दी जाती हैं। 2021 के बाद जारी किए गए 10 मामलों का सामने आना इस बात की ओर इशारा करता है कि जांच एजेंसियां मंजूरियों के पैटर्न और प्रक्रिया को व्यापक स्तर पर देख रही हैं।
Suntec City के मामले के बाद अन्य परियोजनाओं की जांच से यह भी स्पष्ट होता है कि प्रवर्तन एजेंसियां केवल किसी एक परियोजना से जुड़े दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। समान प्रकृति की मंजूरियों की समीक्षा से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कहीं किसी विशेष प्रक्रिया का बार-बार इस्तेमाल तो नहीं किया गया।
फिलहाल 10 CLU मामलों को लेकर जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। संबंधित रिकॉर्ड और मंजूरी प्रक्रिया की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं।
यह घटनाक्रम पंजाब में भूमि उपयोग और शहरी विकास से जुड़े प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी महत्वपूर्ण है। यदि जांच में किसी स्तर पर नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों या अन्य पक्षों के खिलाफ आगे की कार्रवाई संभव हो सकती है।
फिलहाल Suntec City से शुरू हुआ मामला 10 अन्य CLU मंजूरियों तक पहुंच गया है, जिससे मोहाली में भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़े फैसलों पर ED की निगरानी और जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है।
