1 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए गंभीर कॉकपिट हमले के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की दुनियाभर में चर्चा हो रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मच्छार के साहस की प्रशंसा करते हुए उन्हें “सच्चा हीरो” बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा चालक दल को हमलावर को काबू करने में मदद करने का अवसर दिया।
नेतन्याहू ने घटना पर बात करते हुए अपने बड़े भाई लेफ्टिनेंट कर्नल योनातन (योनी) नेतन्याहू की कुर्बानी को भी याद किया, जो 1976 में युगांडा के एंटेबे में बंधकों को छुड़ाने वाले सैन्य अभियान के दौरान मारे गए थे। योनी उस अभियान में जमीनी कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे थे और ऑपरेशन में मारे जाने वाले इजरायली सैनिकों में एकमात्र कमांडर थे। नेतन्याहू पहले भी एंटेबे अभियान को अपने जीवन और अपने भाई की विरासत से जोड़ते रहे हैं।
घायल होने के बावजूद मच्छार ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई और भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार घायल हो गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। गंभीर रूप से घायल होने और खून से लथपथ होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को कॉकपिट में प्रवेश कर हमलावर को काबू करने का मौका मिला।
इसके बाद विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलटों ने विमान को नियंत्रित करने में मदद की और उसे सऊदी अरब के तबूक में आपातकालीन रूप से उतारा गया। सभी यात्री सुरक्षित रहे।
नेतन्याहू ने कहा- ‘सच्चे हीरो हैं स्मित मच्छार’
इजरायली प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कैप्टन मच्छार को श्रद्धांजलि देते हुए उनके “असाधारण साहस” की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने प्रतिरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्रियों और चालक दल को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली।
नेतन्याहू के अनुसार, मच्छार के प्रयासों से विमान में सवार 174 लोगों की जान बची, जिनमें इजरायली नागरिकों के साथ अन्य देशों के यात्री भी शामिल थे। उन्होंने भारतीय पायलट के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।
यात्रियों ने भी दिखाई हिम्मत
घटना के दौरान केवल पायलट ही नहीं, बल्कि विमान में मौजूद यात्रियों और अन्य लोगों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इजरायली यात्री यानिव हयून उन लोगों में शामिल थे जो कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद की।
नेतन्याहू ने हयून से मुलाकात कर उनके साहस की भी प्रशंसा की। रिपोर्टों के अनुसार, एक इजरायली दंत चिकित्सक डॉ. शोता मुसायेव ने भी गंभीर रूप से घायल मच्छार को प्राथमिक चिकित्सा दी और उनका रक्तस्राव नियंत्रित करने में मदद की।
विमान ने तेजी से गंवाई ऊंचाई
घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, विमान ने बहुत कम समय में हजारों फीट की ऊंचाई गंवाई। बाद में यात्रियों और चालक दल की मदद से विमान को स्थिर किया गया और उसे तबूक की ओर मोड़ा गया।
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। बाद में फ्लाईदुबई की एक अन्य उड़ान से यात्रियों को तेल अवीव पहुंचाया गया।
एंटेबे अभियान और योनी नेतन्याहू की कुर्बानी
एंटेबे का उल्लेख नेतन्याहू के लिए व्यक्तिगत महत्व रखता है। 1976 में एयर फ्रांस की एक उड़ान को हाईजैक कर युगांडा के एंटेबे हवाई अड्डे ले जाया गया था। इजरायल ने बंधकों को छुड़ाने के लिए एक सैन्य अभियान चलाया।
उस अभियान का नेतृत्व विशेष बलों के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल योनी नेतन्याहू ने किया था। बंधकों को छुड़ाने की कार्रवाई सफल रही, लेकिन योनी नेतन्याहू मारे गए। इस साल अभियान की 50वीं वर्षगांठ पर बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने भाई को याद करते हुए कहा था कि योनी की बहादुरी और नेतृत्व उनके जीवन पर गहरा प्रभाव छोड़ गए।
नेतन्याहू ने उस मौके पर योनी की पहचान साहस, संयम और संकट में आगे बढ़कर नेतृत्व करने से जोड़ी थी। यही कारण है कि फ्लाईदुबई घटना में भारतीय पायलट के साहस का उल्लेख उनके लिए व्यक्तिगत और ऐतिहासिक संदर्भ भी रखता है।
मच्छार की हालत स्थिर
भारतीय दूतावास के अनुसार, कैप्टन स्मित मच्छार को सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज चल रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, मच्छार पहले स्पाइसजेट के साथ भी काम कर चुके हैं और उनके पास लंबा व्यावसायिक विमानन अनुभव है। इस घटना के बाद भारत और इजरायल दोनों में उनकी भूमिका की सराहना की गई है।
हमले की वजह की जांच जारी
घटना में शामिल सह-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। उसकी राष्ट्रीयता ओमान की बताई गई है। हालांकि, हमले के पीछे उसकी वास्तविक मंशा क्या थी, इसे लेकर जांच जारी है। फ्लाईदुबई ने भी जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की है।
इजरायली अधिकारियों ने घटना को गंभीर सुरक्षा मामला बताया है, लेकिन हमले के मकसद और संभावित साजिश से जुड़े कई सवाल अभी जांच का हिस्सा हैं। इस बीच, कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और यात्रियों की त्वरित प्रतिक्रिया ने एक संभावित बड़ी विमान दुर्घटना को टालने में अहम भूमिका निभाई।
