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5 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): जापान के नागोया में 2026 एशियन गेम्स की शुरुआत भले ही भव्य आयोजन के साथ हुई हो, लेकिन पूरे टूर्नामेंट के दौरान स्थानीय दर्शकों की मौजूदगी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कई प्रतियोगिता स्थलों पर बड़ी संख्या में सीटें खाली दिखाई दीं और टिकट बिक्री को लेकर आयोजकों ने भी चिंता जताई। लेकिन जैसे ही खेलों का अंतिम दिन आया, तस्वीर बदल गई। विदाई की रात नागोया के लोगों ने स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों और एशियन गेम्स को गर्मजोशी से अलविदा कहा।

4 अक्टूबर को पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह ने दो सप्ताह से अधिक चले इस महाआयोजन पर पर्दा डाल दिया। करीब 90 मिनट के इस कार्यक्रम में जापानी संस्कृति, संगीत, रोशनी और कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ एशिया के खिलाड़ियों का जश्न मनाया गया।

पूरे खेलों में खाली रहीं कई सीटें

एशियन गेम्स के दौरान नागोया और आसपास के प्रतियोगिता स्थलों पर दर्शकों की उपस्थिति कई बार आयोजकों के लिए चिंता का विषय बनी। 30,000 क्षमता वाले मुख्य एथलेटिक्स स्टेडियम में भी कुछ प्रमुख मुकाबलों के दौरान बड़ी संख्या में सीटें खाली दिखाई दीं।

आयोजकों ने 26 सितंबर को स्वीकार किया था कि टिकट बिक्री उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। आठ खेलों के लिए 60 प्रतिशत से भी कम टिकट बिकने की जानकारी सामने आई थी। समापन समारोह के लिए भी उस समय बड़ी संख्या में टिकट उपलब्ध थे।

यह स्थिति इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि एशियन गेम्स एशिया के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों में से एक है और घरेलू दर्शकों की भागीदारी किसी भी मेजबान शहर के लिए आयोजन की सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

लेकिन आखिरी रात बदला माहौल

टूर्नामेंट के दौरान अपेक्षाकृत शांत रहने वाला स्थानीय माहौल समापन समारोह की रात काफी बदल गया। मिजुहो पार्क में आयोजित कार्यक्रम में दर्शकों और खिलाड़ियों के बीच उत्साह नजर आया और नागोया ने आखिरकार उन खेलों को सार्वजनिक तौर पर विदाई दी, जिन्हें उसने पूरे टूर्नामेंट के दौरान उतनी मजबूती से नहीं अपनाया था।

समापन समारोह में खिलाड़ियों को केंद्र में रखा गया। विभिन्न देशों के एथलीटों ने एक साथ मैदान में प्रवेश किया और खेलों की प्रतिस्पर्धा के बाद एक साझा उत्सव का हिस्सा बने।

इस आयोजन का भाव यही था कि मैदान पर देशों के बीच मुकाबला खत्म होने के बाद खेल एशिया को जोड़ने का माध्यम बनते हैं।

जापानी संस्कृति की झलक

करीब 90 मिनट के समारोह में जापान की संस्कृति और आधुनिक प्रस्तुति शैली का मिश्रण देखने को मिला। संगीत, रोशनी और पारंपरिक प्रस्तुतियों के जरिए मेजबान देश ने एशिया के खिलाड़ियों को विदाई दी।

ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया ने भी समापन समारोह के दौरान Aichi-Nagoya 2026 से Doha 2030 तक आयोजन की मशाल और ध्वज के हस्तांतरण को प्रमुखता दी। कतर के दोहा में 2030 में अगला एशियन गेम्स आयोजित होगा।

मैदान पर रिकॉर्ड, मैदान के बाहर चुनौतियां

नागोया एशियन गेम्स सिर्फ दर्शकों की कम उपस्थिति के कारण चर्चा में नहीं रहा। टूर्नामेंट के दौरान आयोजन और लॉजिस्टिक्स को लेकर भी कई सवाल उठे।

खिलाड़ियों और अधिकारियों ने आवास, परिवहन, पंजीकरण और प्रतियोगिता स्थलों तक पहुंच से जुड़ी समस्याओं का सामना किया। अलग-अलग टीमों को होटल, अस्थायी आवास और यहां तक कि क्रूज शिप में भी ठहराया गया क्योंकि पारंपरिक एथलीट विलेज की व्यवस्था नहीं थी।

इसके बावजूद खेल मैदान पर खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अनुसार, प्रतियोगिता के दौरान 350 से अधिक रिकॉर्ड टूटे, जिनमें 50 से अधिक विश्व रिकॉर्ड शामिल थे।

युवा खिलाड़ियों ने विशेष रूप से ध्यान खींचा। चीन की 13 वर्षीय तैराक यू ज़िदी ने तीन स्वर्ण पदक जीते, जबकि कई अन्य खिलाड़ियों ने नए एशियन गेम्स और विश्व रिकॉर्ड बनाए।

भारत की भी यादगार विदाई

समापन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व नीरू ढांडा ने किया। उन्होंने भारतीय ध्वज के साथ भारतीय दल की अगुवाई की। भारत ने इन खेलों में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।

नीरू ढांडा खुद भारत की प्रमुख पदक विजेताओं में रहीं और उनके हाथों भारतीय ध्वज की अगुवाई करना देश के अभियान के लिए प्रतीकात्मक क्षण रहा।

नागोया से दोहा तक पहुंचा एशियाई खेलों का सफर

समापन समारोह का सबसे महत्वपूर्ण औपचारिक क्षण वह रहा जब एशियन गेम्स का ध्वज अगले मेजबान दोहा को सौंपा गया। OCA अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी ने आयोजन के समापन की घोषणा करते हुए Aichi-Nagoya के आयोजकों और लोगों का धन्यवाद किया।

इस तरह नागोया की कहानी एक दिलचस्प विरोधाभास के साथ समाप्त हुई। टूर्नामेंट के अधिकांश दिनों में स्टेडियमों में खाली सीटें दिखाई दीं और स्थानीय उत्साह को लेकर सवाल उठे, लेकिन विदाई के समय शहर ने खिलाड़ियों के सम्मान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

Bharat Baani Bureau

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