9 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): मोहन बागान सुपर जायंट ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी ईस्ट बंगाल को 1-0 से हराकर 2026 के IFA शील्ड फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। गुरुवार, 8 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल में बोस्नियाई मिडफील्डर समीर जेल्कोविच ने निर्णायक गोल दागा। इस जीत के साथ मोहन बागान ने प्रतियोगिता में अपना 22वां खिताब हासिल किया और इस सीजन में ईस्ट बंगाल से मिली डूरंड कप फाइनल की हार का बदला भी चुकता किया। <Cite refs={[“turn408533search0″,”turn408533search3”]}/>
समीर जेल्कोविच का गोल बना जीत की वजह
कोलकाता के दो बड़े फुटबॉल क्लबों के बीच मुकाबले की शुरुआत से ही कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। दोनों टीमों ने शुरुआती मिनटों में एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन पहले हाफ के अंतिम क्षणों में मोहन बागान को सफलता मिली।
मैच के 45वें मिनट में साहल अब्दुल समद ने बॉक्स की ओर एक शानदार ऊंचा पास दिया। जेल्कोविच ने गेंद को छाती से नियंत्रित किया और आगे बढ़ रहे ईस्ट बंगाल के गोलकीपर फुरबा लाचेनपा को छकाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। यह गोल मैच का निर्णायक क्षण साबित हुआ। <Cite refs={[“turn408533search5″,”turn408533search11”]}/>
पहले हाफ की समाप्ति पर मोहन बागान ने 1-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद ईस्ट बंगाल ने बराबरी हासिल करने के लिए लगातार हमले किए, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।
दूसरे हाफ में ईस्ट बंगाल ने बढ़ाया दबाव
दूसरे हाफ में ईस्ट बंगाल ने आक्रामक खेल दिखाते हुए मुकाबले में वापसी की कोशिश की। टीम ने कई बार मोहन बागान के डिफेंस को चुनौती दी, लेकिन गोलकीपर विशाल कैथ और रक्षापंक्ति ने अपनी बढ़त बनाए रखी।
ईस्ट बंगाल के स्ट्राइकर लुकास ज्वोलिंस्की को गोल करने के कुछ अच्छे मौके मिले। एक अवसर पर उन्होंने नजदीक से हेडर लगाया, लेकिन गेंद गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गई। विशाल कैथ ने भी एक महत्वपूर्ण बचाव करते हुए ईस्ट बंगाल को बराबरी करने से रोक दिया। <Cite refs={[“turn408533search0″,”turn408533search3”]}/>
मैच के अंतिम मिनटों में ईस्ट बंगाल ने हमलों की रफ्तार बढ़ा दी। इसके बावजूद मोहन बागान के खिलाड़ियों ने अनुशासित रक्षात्मक खेल दिखाया और अंतिम सीटी बजने तक अपनी 1-0 की बढ़त कायम रखी।
डूरंड कप की हार का लिया बदला
इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि इससे पहले अगस्त 2026 में खेले गए डूरंड कप फाइनल में ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4-1 से हराया था। उस मुकाबले में ईस्ट बंगाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था।
IFA शील्ड के फाइनल में मोहन बागान की जीत ने दोनों टीमों की ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता को एक नया अध्याय दिया। इस बार टीम ने सीमित मौकों का बेहतर इस्तेमाल किया और एक गोल की बढ़त को अंत तक सुरक्षित रखा। <Cite refs={[“turn408533search0″,”turn408533search11”]}/>
मोहन बागान के खाते में 22वां IFA शील्ड खिताब
IFA शील्ड भारतीय फुटबॉल की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में शामिल है। मोहन बागान के लिए यह 22वीं खिताबी जीत रही। हालांकि, इस प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा खिताब जीतने के मामले में ईस्ट बंगाल आगे है, जिसके नाम 29 IFA शील्ड खिताब दर्ज हैं। <Cite refs={[“turn408533search5″,”turn408533search3”]}/>
मोहन बागान के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने इसी सीजन में कलकत्ता फुटबॉल लीग (CFL) का खिताब भी जीता था। इस तरह टीम ने लगभग पांच दशक बाद एक ही सीजन में कलकत्ता फुटबॉल लीग और IFA शील्ड दोनों ट्रॉफियां अपने नाम करने की उपलब्धि दोहराई। इससे पहले क्लब ने यह उपलब्धि 1976 में हासिल की थी। <Cite refs={[“turn408533search3″,”turn408533search11”]}/>
कोलकाता डर्बी ने फिर दिखाई भारतीय फुटबॉल की लोकप्रियता
मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच मुकाबले को कोलकाता डर्बी के नाम से जाना जाता है। दोनों क्लबों के बीच दशकों पुरानी प्रतिद्वंद्विता है और इनके समर्थकों के लिए यह मुकाबला केवल फुटबॉल मैच नहीं, बल्कि क्लब की पहचान और गौरव से भी जुड़ा होता है।
IFA शील्ड फाइनल में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने कड़ा संघर्ष किया। जहां ईस्ट बंगाल बराबरी का गोल नहीं कर सका, वहीं मोहन बागान ने एक गोल की बढ़त को खिताब में बदल दिया।
अब दोनों टीमें इंडियन सुपर लीग (ISL) के आगामी मुकाबलों पर ध्यान केंद्रित करेंगी। मोहन बागान का अगला मुकाबला 12 अक्टूबर को नॉर्थईस्ट यूनाइटेड से निर्धारित है, जबकि ईस्ट बंगाल 18 अक्टूबर को चर्चिल ब्रदर्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा।
