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27 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो): स्ट्रोक को आमतौर पर अधिक उम्र के लोगों से जुड़ी बीमारी माना जाता है, लेकिन यह कम उम्र के वयस्कों को भी प्रभावित कर सकता है। हाल ही में 29 वर्षीय एक युवक ने स्ट्रोक से पहले महसूस हुए लक्षणों को याद करते हुए बताया कि उसे ऐसा लगा, मानो उसके सिर में बम फट गया हो। उसका अनुभव इस बात की याद दिलाता है कि अचानक शुरू होने वाले गंभीर सिरदर्द या शरीर में किसी तरह के बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हालांकि, हर तेज सिरदर्द स्ट्रोक का संकेत नहीं होता और केवल लक्षणों के आधार पर बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। अचानक शुरू हुआ असामान्य और बेहद तेज सिरदर्द, खासकर यदि इसके साथ कमजोरी, बोलने में परेशानी या देखने में बदलाव हो, तो तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है।

स्ट्रोक क्या होता है?

स्ट्रोक तब होता है, जब मस्तिष्क के किसी हिस्से तक रक्त की आपूर्ति रुक जाती है या मस्तिष्क की रक्त वाहिका फट जाती है। इसके कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। स्ट्रोक मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है—इस्केमिक स्ट्रोक, जिसमें रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है, और हेमरेजिक स्ट्रोक, जिसमें रक्त वाहिका से मस्तिष्क में रक्तस्राव होता है।

स्ट्रोक के दौरान हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण नहीं दिखाई देते। कुछ मामलों में चेहरे, हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन हो सकता है, जबकि अन्य लोगों को बोलने, देखने, संतुलन बनाने या चलने में परेशानी हो सकती है।

स्ट्रोक के शुरुआती संकेत पहचानना जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानने के लिए FAST नियम का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं:

  • F — Face (चेहरा): मुस्कुराने पर चेहरे का एक हिस्सा लटकना।
  • A — Arms (बांहें): एक हाथ में अचानक कमजोरी या उसे उठाने में कठिनाई।
  • S — Speech (बोलना): बोलने में परेशानी या दूसरों की बात समझने में कठिनाई।
  • T — Time (समय): इनमें से कोई भी संकेत दिखे तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

इसके अलावा, अचानक दृष्टि में बदलाव, चलने में परेशानी, संतुलन बिगड़ना या बिना स्पष्ट कारण के बेहद तेज सिरदर्द भी गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं।

29 वर्षीय पैट्रिक मसकोली को कैसे आया स्ट्रोक?

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के बोस्टन निवासी पैट्रिक मसकोली को जुलाई 2024 में सामान्य दौड़ पूरी करने के बाद जिम के चेंजिंग रूम में अचानक सिर के दाहिने हिस्से में तेज जलन जैसा दर्द महसूस हुआ। इसके बाद उन्हें चक्कर आने लगे, नजर धुंधली हो गई और शरीर पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो गया। उन्हें उल्टी हुई और अत्यधिक पसीना आने लगा। उनका दाहिना पैर ठीक से काम नहीं कर रहा था और वह गिर पड़े

शुरुआत में स्वास्थ्यकर्मियों को गंभीर डिहाइड्रेशन या वर्टिगो की आशंका हुई। लेकिन लक्षण बने रहने पर उन्हें बोस्टन मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां एमआरआई जांच में मस्तिष्क के दाहिने सेरिबेलम में स्ट्रोक की पुष्टि हुई। मस्तिष्क का यह हिस्सा संतुलन, तालमेल और शारीरिक गतिविधियों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है

जांच के दौरान डॉक्टरों को उनके दिल के ऊपरी कक्षों के बीच जन्म से मौजूद एक छोटे छेद, जिसे पेटेंट फोरामेन ओवेल (PFO) कहा जाता है, का पता चला। कुछ लोगों में यह छेद रक्त के थक्के को मस्तिष्क तक पहुंचने का रास्ता दे सकता है। हालांकि, डॉक्टर यह निश्चित नहीं कर सके कि मसकोली के स्ट्रोक का कारण यही था। बाद में उनके दिल के इस छेद को बंद करने की प्रक्रिया की गई।

ठीक होने में लगा समय, फिर मैराथन में दौड़े

स्ट्रोक के बाद मसकोली को चलने-फिरने और हाथों के तालमेल को दोबारा बेहतर बनाने के लिए मेहनत करनी पड़ी। उन्होंने धीरे-धीरे लिखने, ड्रॉइंग और अन्य गतिविधियों का अभ्यास किया। करीब एक महीने बाद वह काम पर लौटे और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार धीरे-धीरे दौड़ना शुरू किया। अपनी पुरानी फिटनेस के करीब पहुंचने में उन्हें लगभग छह महीने लगे। अक्टूबर 2026 में उन्होंने शिकागो मैराथन पूरी की, जिसे उन्होंने अपनी रिकवरी का भावनात्मक और महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।

युवाओं में स्ट्रोक पर क्या कहती है नई रिसर्च?

Neurology जर्नल में सितंबर 2026 में प्रकाशित एक अमेरिकी अध्ययन में 20 से 54 वर्ष के वयस्कों में स्ट्रोक की घटनाओं का विश्लेषण किया गया। पांच काउंटियों के आंकड़ों पर आधारित इस अध्ययन में युवाओं में स्ट्रोक की दर 1993-94 के दौरान प्रति एक लाख व्यक्ति-वर्ष में 33.90 से बढ़कर 2020 में 62.18 हो गई। इसके विपरीत, अधिक उम्र के वयस्कों में स्ट्रोक की दर में गिरावट दर्ज की गई। शोधकर्ताओं ने युवाओं में उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, एट्रियल फिब्रिलेशन और नशीले पदार्थों के इस्तेमाल जैसे जोखिम कारकों में भी वृद्धि देखी। यह अध्ययन एक सीमित अमेरिकी क्षेत्र पर आधारित था, इसलिए इसके आंकड़ों को पूरी दुनिया या भारत पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता।

स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो क्या करें?

अचानक संतुलन बिगड़ना, नजर में बदलाव, चेहरे या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी, बोलने में परेशानी अथवा बिना स्पष्ट कारण के बेहद तेज सिरदर्द होने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। लक्षण कुछ देर बाद ठीक हो जाएं, तब भी जांच जरूरी है। एम्बुलेंस बुलाएं और लक्षण शुरू होने का समय नोट करें—स्ट्रोक के इलाज में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है।

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