28 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिलीपींस में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (ADMM-Plus) से इतर अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को और मजबूत करने तथा द्विपक्षीय सैन्य सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी लगातार विस्तार कर रही है। दोनों देश सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक, उपकरणों की खरीद और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी चर्चा
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत सहित क्षेत्र के कई देशों के रक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित व्यवस्था का समर्थन करता रहा है। ऐसे में अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर
राजनाथ सिंह और हेगसेथ के बीच बातचीत में भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में साझेदारी का दायरा बढ़ा है।
भारत अमेरिका से कई महत्वपूर्ण रक्षा प्लेटफॉर्म और तकनीक हासिल कर चुका है। साथ ही, दोनों देशों के बीच संयुक्त उत्पादन, तकनीकी सहयोग और रक्षा औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की नीति के तहत विदेशी कंपनियों के साथ तकनीकी साझेदारी और भारत में उत्पादन को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। अमेरिका इस क्षेत्र में भारत के प्रमुख रणनीतिक साझेदारों में शामिल है।
आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक का महत्व
ADMM-Plus एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा और सुरक्षा सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच है। इसमें आसियान देशों के साथ भारत, अमेरिका, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, रूस, दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड सहित अन्य साझेदार देश शामिल हैं।
बैठक में आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता, आपदा राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होती है। भारत की भागीदारी इस मंच पर उसकी एक्ट ईस्ट नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति रणनीतिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ की मुलाकात को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय रक्षा संवाद जारी रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इस बातचीत का असर रक्षा तकनीक, सैन्य सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी के नए क्षेत्रों पर दिखाई दे सकता है।
