Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

Gautam Gambhir BCCI: गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच बन चुके हैं. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बीते मंगलवार गंभीर के हेड कोच बनने का एलान किया था. राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) का कार्यकाल खत्म होने के बाद गंभीर को हेड कोच की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी. द्रविड़ के साथ-साथ उनके सपोर्ट स्टाफ यानी बैटिंग कोच विक्रम राठौड़, बॉलिंग कोच पारस म्हाम्ब्रे और फील्डिंग कोच टी दिलिप की कार्यकाल भी समाप्त हो गया था. 

हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो टी दिलिप फील्डिंग कोच बने रह सकते हैं. बाकी बैटिंग और बॉलिंग कोच का बदलना तय है. वैसे तो बीसीसीआई हेड कोच को अपने सपोर्ट स्टाफ का चुनने का अधिकार देती है, लेकिन गंभीर के साथ ऐसा नहीं हो रहा है. पहले गंभीर विनय कुमार को बॉलिंग बनाना चाहते थे, जिस पर बीसीसीआई ने कोई उत्सुकता नहीं दिखाई. 

अब ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट में बताया गया कि बीसीसीआई ने गंभीर की फील्डिंग कोच की डिमांड को भी नकार दिया है. गंभीर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज जॉन्टी रोड्स को फील्डिंग कोच बनाना चाहते थे. हालांकि बीसीसीआई सपोर्ट स्टाफ में किसी भी तरह के विदेशी कोच को शामिल नहीं करना चाहता है. बीते कई सालों से बीसीसीआई देसी कोच के साथ काम कर रही है. 

रिपोर्ट में सोर्स ने बताया कि रोड्स के नाम को लेकर चर्चा हुई थी लेकिन बोर्ड ने तय किया कि सभी सपोर्ट स्टाफ के मेंबर भारतीय होंगे. इससे एक बार फिर टी दिलिप के लिए दोबारा दरवाज़े खुल जाते हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शानदार काम किया था. पिछले कोचिंग स्टाफ के मेंबर का अगले हेड कोच के कार्यकाल में काम करना कोई नई बात नहीं है. बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ ने 2019 वनडे वर्ल्ड कप के बाद रवि शास्त्री के हेड कोच रहते हुए ज्वाइन किया था और फिर द्रविड़ के हेड कोच बनने के बाद भी वह बैटिंग कोच रहे. 

गौरतलब है कि अभी गंभीर के सपोर्ट स्टाफ को लेकर किसी भी तरह कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. अब देखना दिलचस्प होगा कि गंभीर के साथ सपोर्ट स्टाफ में कौन-कौन नज़र आता है

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *