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नई दिल्ली 2 जनवरी 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) -: तमिल सिनेमा के प्रसिद्ध निर्देशक शिवा ने अजीत कुमार के साथ ‘वीरम’ (2014), ‘वेदलम’ (2015), ‘विवेगम’ (2017), और ‘विश्वासम'(2019) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं. हालांकि, उनकी सफलता की ये लहर अन्नाथे’ (2021) और ‘कंगुवा’ (2024) के साथ थम गई. दोनों फिल्में, जिनमें सुपरस्टार रजनीकांत और सूर्या जैसे बड़े सितारे थे, उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं.

‘अन्नाथे’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने अब इस फिल्म में अपनी भूमिका को लेकर अफसोस जताया है. एक इंटकव्यु में, खुशबू ने स्वीकार किया कि उनका रोल वैसी नहीं थी जैसा उनसे वादा किया गया था.

खुशबू ने बताया, ‘फिल्म में मेरा और मीनाजी का किरदार यह सोचकर लिया गया था कि हम दोनों मुख्य अभिनेत्रियों के रूप में होंगी. मुझे विश्वास दिलाया गया था कि रजनी सर के साथ कोई और हीरोइन नहीं होगी लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ी, कहानी में बदलाव किए गए और मेरा किरदार एक कॉमेडी रूप में बदल गया. फिल्म के डबिंग के दौरान जब मैंने इसे देखा, तो मुझे काफी निराशा हुई.’

फिल्म की कहानी और विवाद

खुशबू ने बताया कि शुरुआत में मीनाजी और उनके लिए रजनीकांत के साथ अलग-अलग गाने तय किए गए थे लेकिन बाद में नयनतारा को रजनीकांत की प्रेमिका के रूप में शामिल किया गया. इससे खुशबू और मीनाजी का किरदार पीछे छूट गया.

जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बदलाव रजनीकांत के सुझाव पर हुआ था, तो खुशबू ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, “रजनी सर ऐसे व्यक्ति नहीं हैं. मैंने उन्हें सालों से जाना है. मुझे नहीं पता कि यह बदलाव किसने किया, फैंस की मांग थी या निर्देशक-निर्माता की योजना.”

अभिनेत्री का अनुभव और भविष्य

खुशबू ने यह भी साझा किया कि उनकी हिंदी फिल्मों की सूची छोटी है, इसलिए उन्हें वहां कोई पछतावा नहीं है लेकिन दक्षिण भारतीय फिल्मों में, खासकर हाल की परियोजनाओं में, उन्होंने कुछ फिल्में चुनने पर पछतावा किया.

यह घटना फिल्म इंडस्ट्री के उस पक्ष को भी दिखाती है, जहां कलाकारों को उनकी भूमिकाओं के बारे में शुरुआती वादे और वास्तविकता के बीच अंतर का सामना करना पड़ता है. खुशबू ने अपने अनुभव से यह भी बताया कि कभी-कभी निर्देशक या निर्माता की प्राथमिकताओं के कारण कहानी और किरदारों में बदलाव किया जाता है, जो एक्टर के लिए निराशाजनक हो सकता है. यह स्थिति न केवल उनके करियर पर असर डालती है, बल्कि उनके दर्शकों के साथ जुड़ाव को भी प्रभावित करती है.

Bharat Baani Bureau

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