Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

नई दिल्ली 7 जनवरी 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) -. अगर मोहम्मद शमी भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज में खेल रहे होते तो इसका नतीजा कुछ और हो सकता था. भारत सीरीज जीत भी सकता था… यह कहना है पूर्व कप्तान रवि शास्त्री का, जो शमी के चोट प्रबंधन से नाराज हैं. रवि शास्त्री ने कहा कि कि अगर मोहम्मद शमी को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के दूसरे भाग में टीम में शामिल किया जाता तो भारत का पलड़ा भारी हो सकता था. ऑस्ट्रेलिया ने यह सीरीज 3–1 से अपने नाम की. मेजबान टीम ने सीरीज के आखिरी दोनों मैच जीते थे.

मोहम्मद शमी ने टखने की चोट से उबरने के बाद अपने बंगाल के लिए तीनों फॉर्मेट में यानी रणजी ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली और विजय हजारे ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया. इससे उनकी भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद बढ़ गई थी. लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की मेडिकल टीम ने घुटने की सूजन का हवाला देते हुए मेलबर्न में चौथे टेस्ट से पहले उनकी वापसी की संभावना को समाप्त कर दिया था. हालांकि, रवि शास्त्री और रिकी पोंटिंग का मानना ​​​​है कि भारत को शमी को ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर ले जाना चाहिए था.

पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने द आईसीसी रिव्यू में कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैं मीडिया में चल रही बातों से बहुत हैरान था कि आखिर में मोहम्मद शमी के साथ वास्तव में क्या हुआ था. जब फिट होने की बात आती है तो वह कहां है? मुझे नहीं पता कि वह कितने समय से एनसीए (भारतीय क्रिकेट अकादमी) में है. वह किस स्थिति में है. इस बारे में उचित संवाद हो सकता था. अगर मुझे फैसला करना होता तो मैं उसे ऑस्ट्रेलिया लेकर आ जाता. अगर वह होता तो हम मेलबर्न और सिडनी टेस्ट का परिणाम अपने पक्ष में कर सकते थे.’

ऑस्ट्रेलिया की विश्व कप विजेता टीम के कप्तान रहे रिकी पोंटिंग भी शास्त्री से सहमत दिखे. उन्होंने कहा, ‘मुझे वास्तव में हैरानी है कि उसे (शमी) सीरीज के बीच में टीम में क्यों शामिल नहीं किया गया. वह अगर कम ओवर भी करता तब भी अंतर पैदा कर सकता था.’ उन्होंने कहा, ‘जब आपने मुझसे (पिछले आईसीसी रिव्यू) में पूछा था कि सीरीज का परिणाम क्या होगा, तो मैंने कहा था कि ऑस्ट्रेलिया 3-1 से जीतेगा क्योंकि भारतीय टीम में शमी नहीं हैं. अगर शमी, बुमराह और सिराज उनकी शुरुआती टीम में होते, तो मुझे लगता है कि परिणाम अलग भी हो सकता था.’ (इनपुट भाषा)

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *