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 13 फरवरी 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) -फ्रांस की सफल यात्रा हो गई. अब पीएम मोदी का नया पड़ाव अमेरिका है. नीला आसमान, रिमझिम बारिश और लहराते तिरंगे के बीच पीएम मोदी आज अमेरिका पहुंचे. विमान से उतरते वक्त नजारा ऐसा था, मानो ट्रंप से पहले कुदरत ही स्वागत में उतरा हो. आज उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप से होगी. सबसे पहले ट्रंप से बेंजामिन नेतन्याहू मिल चुके हैं. पीएम मोदी शायद साउथ एशिया के पहले राष्ट्राध्यक्ष होंगे, जो डोनाल्ड ट्रंप से सबसे पहले मिल रहे हैं. वह अपने दो दिवसीय यात्रा पर वाशिंगटन पहुंचे हैं. पीएम मोदी की मेजबानी खुद डोनाल्ड ट्रंप करेंगे.

पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है, जब यूक्रेन-रूस जंग को लेकर शांति की कवायदें जारी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय अमेरिकी दौरे पर व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दों पर ट्रंप से बातचीत करेंगे. इतना ही नहीं, एच1 वीजा, आतंकवाद, भारत-प्रशांत क्षेत्र, और अमेरिका में छिपे गैंगस्टर जैसे मुद्दों पर भी बात हो सकती है. ट्रंप की वापसी के बाद पीएम मोदी की यह पहली यात्रा है.

जब पीएम मोदी का कुदरत ने किया स्वागत
आज सुबह जब पीएम मोदी वाशिंगटन पहुंचे तो उनके स्वागत में आसमान भी पानी बरसा रहा था. बूंदाबांदी और नीले आसमान के तले अमेरिका और भारत का झंडा लहरा रहा था. तभी पीएम मोदी का विमान लैंड किया. प्रधानमंत्री मोदी जब अमेरिका के जॉइंट एंड्रयूज बेस पहुंचे तो यहां भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. उनकी एक झलक पाने के लिए भारतीय समुदाय के कई लोग ठंडी हवाओं और बारिश में भी डटे रहे. पिछले महीने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद संभालने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली द्विपक्षीय वार्ता होगी.

कहां ठहरे हैं मोदी
पीएम मोदी अमेरिकी राजधानी शहर के बीचों-बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के अतिथि गृह ब्लेयर हाउस में ठहरे हैं. इधर, ट्रंप की टैरिफ नीति से दुनिया भर में उथल-पुथल मची हुई है. ऐसे में मोदी की प्राथमिकता भारत के खिलाफ वाशिंगटन के किसी भी एक्शन को रोकने की होगी. भारत-अमेरिका संबंधों पर नजर रखने वाले लोगों का मानना है कि दोनों पक्षों की ओर से हाई टैरिफ से बचने और समग्र व्यापार क्षेत्र का विस्तार करने के लिए एक व्यापार समझौते को देखने के विकल्प की संभावना तलाशने की संभावना है. अपनी बैठक में दोनों नेता मोटे तौर पर व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और आव्रजन जैसे क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं.

दुनिया को मिलेगा नया संदेश
हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि पीएम मोदी और ट्रंप के बीच बैठक से किस तरह के व्यापक संकेत मिलते हैं. दोनों नेता अपनी निजी घनिष्ठता के लिए जाने जाते हैं. ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी गजब की केमिस्ट्री दिखी थी. हाउडी मोदी कार्यक्रम इसका उदाहरण है. मोदी और ट्रंप की बैठक में इमिग्रेशन और टैरिफ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर फोकस किए जाने की उमीद है. पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब ट्रंप प्रशासन ने 104 भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर एक सैन्य विमान से भारत भेजा. इसकी वजह से भारत में आक्रोश है.

क्या-क्या होगी बातचीत
अब सवाल है कि आखिर पीएम मोदी और ट्रंप के बीच क्या-क्या बात होगी. दरअसल, बातचीत की मेज पर सबसे बड़ा मुद्दा व्यापार का है, क्योंकि ट्रंप की नीति प्रतिद्वंद्वियों और सहयोगियों पर समान रूप से टैरिफ लगाने की है. पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा ट्रंप के अमेरिका में वैश्विक इस्पात और एल्यूमीनियम आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा के तुरंत बाद हुई है. इस कदम से अमेरिका को इस्पात और एल्यूमीनियम का निर्यात करने वाली भारतीय फर्मों पर असर पड़ने की उम्मीद है. भारत पहले ही इस संवेदनशील मुद्दे पर ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान अपने कठोर दृष्टिकोण के विपरीत अधिक सुलह-साधने वाला रुख अपनाने की तत्परता दिखा चुका है.

यूक्रेन जंग पर भी होगी बात
पिछले साल भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 130 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था. दोनों नेता हिंद-प्रशांत, यूक्रेन और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर भी चर्चा कर सकते हैं. इतना ही नहीं, यूक्रेन जंग खत्म करने पर भी दोनों में बातचीत हो सकती है. वजह है कि पुतिन मोदी के अच्छे दोस्त हैं. ट्रंप चाहेंगे कि पीएम मोदी पुतिन को मनाएं. पीएम मोदी और ट्रंप के बीच 27 जनवरी को फोन पर बातचीत हुई थी. पीएम मोदी और ट्रंप ऊर्जा संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं.

सारांश: अमेरिका की धरती पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत, नीले आसमान और रिमझिम फुहारों के बीच लहराया तिरंगा। ट्रंप के साथ संभावित बातचीत में व्यापार, रक्षा और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद।

Bharat Baani Bureau

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