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05 मई 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) – पंजाब और हरियाणा के बीच चल रहे पानी के विवाद के बीच पंजाब में विधानसभा के विशेष सत्र में दो अहम प्रस्ताव पास किए गए हैं। इनमें डैम सेफ्टी एक्ट को रद्द करने और हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के बीबीएमबी के फैसले के खिलाफ पर प्रस्ताव पास किए गए हैं। इससे पहले विधायक अमृत पाल सिंह सुखानंद ने बीबीएमबी द्वारा हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के फैसले की कॉपी फाड़ दी। 

स्पीकर ने विशेष सत्र में जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर निंदा जाहिर की। स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने शोक प्रस्ताव पास किया। इसके बाद सदन को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

सदन के दोबारा शुरू होने पर जल स्रोत मंत्री बरिंद्र गोयल ने बीबीएमबी द्वारा हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने का प्रस्ताव पेश किया। सदन में डैम सेफ्टी एक्ट – 2021 को रद्द करने का प्रस्ताव पेश किया गया।

सोमवार को सदन की कार्रवाई में विशेष रूप से सांसद अमरिंदर सिंह, मलविंदर सिंह कंंग और गुरमीत सिंह मीत हेयर गवर्नर बॉक्स में उपस्थित रहे।

भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने हरियाणा को 4500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी देने की पैरवी की थी। इसके बाद दो मई को दिल्ली में हुई बैठक में केंद्रीय गृह सचिव ने पंजाब को बीबीएमबी के प्रस्ताव के अनुसार हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने का सुझाव दिया था। इसके अलावा केंद्र ने नंगल बांध (भाखड़ा बांध का कंट्रोल रूम) पर पंजाब पुलिस के पहरे पर आपत्ति जताई थी और तत्काल इसे बीबीएमबी को सौंपने को कहा था। मगर रविवार शाम तक पंजाब ने कंट्रोल रूम से नियंत्रण नहीं हटाया।  

पानी विवाद पर मान सरकार का तर्क है कि हरियाणा को जरूरत के मुताबिक 4000 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। 8500 क्यूसेक पानी की मांग नाजायज है। अतिरिक्त पानी का उपयोग हरियाणा सिंचाई के लिए करेगा।

पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल चीमा ने जल विवाद पर पंजाब सदन के विशेष सत्र बुलाए जाने पर कहा कि जल पंजाब की भी बहुत बड़ी जरूरत है। जब से देश आजाद हुआ है तब से लेकर अब तक केंद्र में चाहे कांग्रेस की सरकार रही हो या भाजपा की, पंजाब के जल को लेकर हमेशा से ही पंजाब पर हमला किया जाता रहा है… जितना पानी हरियाणा का बनता है, उतना पानी हम हरियाणा को दे चुके हैं और उससे भी ज्यादा मानवता के नाम पर हम उन्हें 4000 क्यूसेक फीट पानी दे रहे हैं। हरियाणा में भी भाजपा की सरकार है और केंद्र में भी भाजपा की सरकार है। ये दोनों सरकार पंजाब के हक को छीनना चाहती हैं लेकिन पंजाब की आप सरकार ऐसा कभी होने नहीं देगी। 

सारांश: पंजाब सरकार हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के प्रस्ताव के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाई है। मान सरकार पानी के मसले पर आर-पार की लड़ाई के मूड में है।





Bharat Baani Bureau

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