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raja raghuvanshi

27 जून 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) – पिछले महीने मेघालय में सोनम रघुवंशी को उसके पति राजा रघुवंशी की हत्या में मदद करने वाले तीन लोगों में से दो ने अपने पहले के बयान से किनारा कर लिया है। पुलिस के सामने अपराध कबूल करने वाले दो आरोपी अब पलट गए हैं। उन्होंने मजिस्ट्रेट के सामने खुद खिलाफ गवाही देने से इनकार कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से यह दावा किया जा रहा है। शिलांग शहर के पुलिस अधीक्षक हरबर्ट पिनियाड खारकोंगोर, जो हत्या की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कर रहे हैं, ने बताया कि आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी ने चुप्पी साध ली है। उन्होंने गुरुवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया।

उन्होंने बताया, ‘हमने पांच आरोपियों में से केवल दो को मजिस्ट्रेट के पास भेजा। वे कोई बयान नहीं देना चाहते थे। हमारे पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। हम एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं।’ इससे पहले मेघालय पुलिस ने पहले दावा किया था कि सभी आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया है।

पुलिस के इकबालिया बयान अदालत में स्वीकार्य नहीं
खारकोंगोर ने बताया कि पुलिस के इकबालिया बयान अदालत में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘यह उनका अधिकार है कि वे इकबालिया बयान न दें, लेकिन भौतिक साक्ष्य भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। कोई मुद्दा नहीं है। हमारे पास मामले में सबूत हैं।’ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 180 के तहत दर्ज किए गए बयान जांच और जिरह के दौरान अधिकारियों की मदद करते हैं, लेकिन धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए बयान ही अदालत में मान्य होते हैं।

Bharat Baani Bureau

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