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19 नवंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) कहा जाता है 100 दवा और 1 हवा बराबर होती हैं, लेकिन दिल्ली एनसीआर की हवा इतनी खराब हो चुकी है कि दवाओं का असर भी बेअसर साबित हो रहा है। दिल्ली एम्स के डॉक्टर्स ने सरकार से प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर कड़े कदम उठाने की अपील की गई है। क्योंकि हालात ऐसे ही रहे तो दिल्ली में रहने वाले लोगों के फेफड़े बुरी तरह खराब हो जाएंगे। एक्सपर्ट की मानें तो अब दिल्ली एनसीआर का क्षेत्र रहने योग्य नहीं रहा है। भले ही प्रदूषण का सीधा असर अभी आपको नजर न आए लेकिन ये शरीर के अंदर पहुंचकर घातक बीमारियां पैदा कर रहा है। अगर आप दिल्ली एनसीआर में रहते हैं और प्रदूषण की मार झेलनी ही है तो इसके लिए रोजाना रात में ए छोटा सा काम जरूर कर लें।

दिल्ली के प्रदूषण से बचने का आसान उपाय

दिनभर प्रदूषण में सांस लेने फेफड़ों को सबसे बड़ा नुकसान हो रहा है। सांस नली में प्रदूषण के छोटे-छोटे कण जमा हो रहे हैं। अगर आप भी घर से बाहर निकलते हैं और प्रदूषण में सांस लेने को मजबूर हैं तो इससे बचने के लिए रोजाना रात में सोने से पहले 15 मिनट के लिए ये काम जरूर कर लें। आपको क्या करना है एक स्टीमर लें या किसी पैन में पानी गर्म कर लें। अब रोजाना रात में सोने से पहले 15 मिनट भाप जरूर लें। इससे बंद नाक खुल जाएगी, सर्दी जुकाम में फायदा होगा, सूजन कम होगी और प्रदूषण का असर भी बेअसर होगा।

प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?

दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों को वायु प्रदूषण से बचना है तो N95 मास्क पहनकर बाहर निकलना चाहिए। घर के अंदर रह रहे हैं तो एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल जरूर करें। खासतौर से अगर घर में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं तो एयर प्यूरीफायर चलाकर रखें। घर में हवा को साफ करने वाले और ऑक्सीजन छोड़ने वाले पौधे रखें। सुबह शाम घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। इस समय प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा होता है। खाने में विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां शामिल करें, जिससे इम्यूनिटी मजबूत हो। खाने में गुड़, सौंठ, अदरक, कच्ची हल्दी, दालचीनी, लहसुन और गर्म चीजों का उपयोग करें। रोजाना थोड़ा देर योग या घर के अंदर एक्सरसाइज जरूर करें।

सारांश:
फेफड़ों में जम चुके प्रदूषण के कणों को निकालने के लिए रात में 15 मिनट की एक आसान तकनीक बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसमें भाप लेना, हल्की श्वास-प्रश्वास एक्सरसाइज और गरम पानी से गरारे करना शामिल है। इससे सांस नली में जमा कचरा ढीला होकर बाहर निकलने लगता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और सांस लेने में आसानी होती है। सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण के बीच यह उपाय फेफड़ों को साफ रखने और श्वसन संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए काफी उपयोगी है।

Bharat Baani Bureau

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