लुधियाना 15 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : स्कूलों में पढ़ाने वाले अध्यापकों को 2 साल के भीतर टीचर एलिजीबिलटी टैस्ट क्लीयर करने को लेकर चल रही खबरों के बीच जहां केंद्र सरकार ने राज्यों से 8 वीं तक पढ़ाने वाले अध्यापकों की जानकारी मांगी है, वहीं अब सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) ने भी अपने सभी एफिलिएटेड स्कूलों को अपनी वैबसाइट पर बच्चों को पढ़ाने वाले अध्यापकों की शैक्षणिक योग्यता समेत अन्य जानकारी अपडेट करने का निर्देश जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक बोर्ड ने सभी स्कूलों को अपनी आधिकारिक वैबसाइटों पर आवश्यक सूचनाएं सार्वजनिक करने के लिए 15 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। निर्देशों के मुताबिक अब हर सी.बी.एस.ई. स्कूल को अपने अध्यापकों की विस्तृत डिटेल, उनकी शैक्षणिक योग्यता, शैक्षणिक स्ट्रक्चर, बुनियादी सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को अनिवार्य रूप से अपडेट करना होगा। हालांकि पहले भी बोर्ड के एफिलिएशन नियमों में इस तरह की जानकारियां सार्वजनिक करने का प्रावधान है लेकिन कई स्कूल एक बार एफिलिएशन लेने के बाद बाद बोर्ड की भी परवाह नहीं करते और न ही बोर्ड स्कूलों की औचक चैकिंग करने की कोई पहल करता है ताकि यह चैक किया का सके कि स्कूल छात्रों की सुविधाओं के लिए क्या कदम उठा रहे हैं।
गौरतलब है कि इस प्रक्रिया के लिए पहले कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं थी, हालांकि इसे अपडेट करना हमेशा से अनिवार्य था। बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कई स्कूल इन नियमों का पालन गंभीरता से नहीं कर रहे। जानकारी के अभाव में सबसे ज्यादा परेशानी अभिभावकों को उठानी पड़ती है, क्योंकि स्कूल चयन के समय वे विभिन्न स्कूलों की सुविधाओं और शैक्षणिक गुणवत्ता की तुलना नहीं कर पाते। इस समस्या को खत्म करने के लिए बोर्ड ने अब सख्त डैडलाइन निर्धारित की है। बोर्ड ने स्कूलों की सहायता के लिए एक विशिष्ट फॉर्मेट भी जारी किया है जिसमें विस्तार से बताया गया है कि किन जानकारियों को पोर्टल पर सांझा करना है। सी.बी.एस.ई. ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई स्कूल 15 फरवरी तक इस निर्देश का पालन करने में विफल रहता है तो इसे एफिलिएशन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित स्कूल पर 5 लाख रुपए तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
