पंजाब 22 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पुरानी पेंशन प्राप्ति मोर्चा पंजाब की राज्य स्तरीय बैठक राज्य संयोजक गुरजंट सिंह कोकरी, सह-संयोजक टहल सिंह सराभा और रणदीप सिंह (फतेहगढ़ साहिब) के संयुक्त नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए मोर्चा नेताओं ने भगवंत मान सरकार की कड़ी आलोचना की। नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 1-1-2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने में लगातार टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है। इसी के विरोध में गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी जिलों में तिरंगा फहराने के दौरान पंजाब सरकार के नाम विरोध पत्र भेजे जाएंगे।

मोर्चा नेताओं ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब के करीब 2 लाख एनपीएस कर्मचारियों से वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद 1-1-2004 के बाद भर्ती सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा। लेकिन सरकार के चार साल पूरे होने के बावजूद अब तक एक भी कर्मचारी का जीपीएफ खाता नहीं खोला गया। उन्होंने कहा कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल प्रदेश की सरकारें नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू कर चुकी हैं, जबकि पंजाब सरकार इस मुद्दे पर पीछे हट रही है।
नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अन्य राज्यों में जाकर पुरानी पेंशन योजना लागू करने का जोर-शोर से प्रचार करती है, लेकिन पंजाब में एनपीएस कर्मचारियों के साथ बेईमानी की नीति अपनाई जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। मोर्चा ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार ने 18-11-2022 को एनपीएस कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन पूंजीवादी नीतियों के दबाव में सरकार अपने ही नोटिफिकेशन को लागू करने से डर रही है। कर्मचारियों में यह चिंता है कि आखिर सरकार पर यह नोटिफिकेशन लागू न करने का दबाव किसका है।
इस अवसर पर नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूनिफाइड पेंशन स्कीम को खारिज करते हुए पंजाब सरकार से 1972 के पेंशन नियमों के अनुसार पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो सभी एनपीएस कर्मचारियों को लामबंद कर तीव्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में संजीव शर्मा, बलबीर सिंह कंग, प्रदीप सिंह सराभा, सतविंदरपाल सिंह दोराहा, कुलविंदर सिंह संगरूर, सुरिंदर सिंह मोगा, गुरप्रीत सिंह सहित कई नेता उपस्थित रहे।
