03 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : आजकल लोगों में एंग्जाइटी और पैनिक अटैक आने के मामले काफी बढ़ गए हैं। एंग्जाइटी आपको किसी भी स्थिति, इंसान या बात से हो सकती है। इंसान जब घुटन महसूस करता है और एक ही बात को बार-बार सोचता रहता है तो उसे एंग्जाइटी महसूस होती है। वहीं पैनिक अटैक वह स्थिति है जब किसी व्यक्ति को बिना किसी रियल फियर के या कारण के बहुत डर महसूस होता है। पैनिक अटैक में आपको घबराहट और सांस लेने में तकलीफ महसूस हो सकती है। इसके अलावा कई लक्षण ऐसे महसूस होते हैं कि जैसे दिल का दौरा पड़ रहा हो। ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और एक बड़ा आसान सा उपाय कर लें।

AIIMS दिल्ली की जनरल फिजिशियन और न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रियंका सहरावत ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो बता रही हैं कि अगर किसी व्यक्ति को बार-बार पैनिक अटैक आते हैं, तो कोई भी एक नॉर्मल पेपर बैग आपके लिए  बहुत उपयोगी साबित हो सकता है। 

पैनिक अटैक के दौरान क्या होता है?

जब किसी व्यक्ति को पैनिक अटैक आता है , तो वह बहुत तेजी से सांस लेने लगता है। ऐसे में खून में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड फेफड़ों के जरिए बहुत अधिक मात्रा में बाहर निकल जाती है। इससे शरीर का पीएच संतुलन बिगड़ जाता है। घबराहट, धड़कन तेज होना , सीने या शरीर के अन्य हिस्सों में जकड़न महसूस होना, सीने में भारीपन, सीने के एक तरफ या पीठ में कंधे की मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षणों से यह बदलाव स्पष्ट हो जाता है।

सारांश:
AIIMS की डॉक्टर के अनुसार, एंग्जायटी या पैनिक अटैक के दौरान पेपर बैग में धीरे-धीरे सांस लेने से घबराहट कम हो सकती है। यह तरीका कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर संतुलित कर सांस को नियंत्रित करने में मदद करता है। हालांकि, बार-बार पैनिक अटैक आने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

Bharat Baani Bureau

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