11 फ़रवरी2026 (भारत बानी ब्यूरो) : पंजाब की राजनीति में इस समय यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आम आदमी पार्टी सरकार आने वाले दिनों में दो उपमुख्यमंत्रियों (डिप्टी सी.एम.) की नियुक्ति करेगी। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व स्तर पर इस प्रस्ताव पर गंभीर विचार-विमर्श जारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार आप नेतृत्व सामाजिक संतुलन के फार्मूले पर विचार कर रहा है, जिसके तहत एक उपमुख्यमंत्री दलित समुदाय से और दूसरा हिंदू समुदाय से हो सकता है। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने एक दलित उपमुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था।
पंजाब में दलित आबादी 36 प्रतिशत से अधिक है, ऐसे में इस वर्ग की राजनीतिक भागीदारी को लेकर पार्टी के भीतर लगातार चर्चा होती रही है। दलित उप-मुख्यमंत्री पद के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है और उन्हें इस दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा है। दलित डिप्टी सी.एम. बनाना इसलिए जरूरी माना जाता है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में डेरा सच्चखंड बल्लां का दौरा किया था जिससे भाजपा ने दलित वोट बैंक को लुभाने की कोशिश की थी।
वहीं, पार्टी के कुछ नेताओं का यह भी मानना है कि हिंदू समुदाय को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि शहरी इलाकों और कस्बों में इस वर्ग का राजनीतिक प्रभाव काफी अहम माना जाता है। हिंदू उपमुख्यमंत्री पद के लिए कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा का नाम भी चर्चाओं में है। हिंदू को इसलिए शामिल करना जरूरी है क्योंकि भाजपा हिंदू समुदाय को लगातार अपने साथ जोड़ने में जुटी हुई है।
सारांश:
चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खबर है कि AAP सरकार दो डिप्टी CM पद बनाएगी, जिससे पार्टी में रणनीतिक बदलाव और सत्ता संतुलन को मजबूती मिलेगी। इसका मकसद चुनावी तैयारियों को तेज करना और राजनीतिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना बताया जा रहा है।
