19 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब हाईकोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल की नेता कंचनप्रीत कौर को 2 मामलों में अग्रिम जमानत दे दी। इस दौरान आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। यह जमानत एफआईआर नंबर 261 और 240 में मिली है। अदालत से राहत मिलने के बाद कंचनप्रीत कौर ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखे निशाने साधे हैं।
मीडिया से बातचीत में अकाली नेता कंचनप्रीत कौर ने कहा कि उनके खिलाफ कुल 5 “झूठे मामले” दर्ज किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि पहले 3 मामलों में उन्हें राहत मिल चुकी थी और अब बाकी 2 मामलों में भी अदालत ने जमानत दे दी है। उन्होंने इसे सच की जीत बताया। अकाली नेता ने पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व हमेशा कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा रहता है। साथ ही उन्होंने अपने वकीलों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने कानूनी लड़ाई में उनका साथ दिया।
कंचनप्रीत कौर ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान राजनीतिक रंजिश के चलते उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि अदालत में ये आरोप टिक नहीं पाए। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भी बड़ा बयान दिया और दावा किया कि उस समय आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी तरह विफल साबित होगी। गौरतलब है कि कंचनप्रीत कौर की माता सुखविंदर कौर रंधावा तरनतारन उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल की उम्मीदवार रह चुकी हैं, जिसके चलते इस मामले को राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है
सारांश:
हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद एक अकाली नेता ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि 2027 में AAP सरकार नाकाम रहेगी। नेता ने इस बयान के जरिए आगामी चुनावों को लेकर अपनी राय व्यक्त की और पार्टी के राजनीतिक दृष्टिकोण को मजबूत किया
