16 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की सेना को इतना भारी नुकसान पहुंचाया है कि देश को पुनर्निर्माण में कम से कम एक दशक लग जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वो अभी संघर्ष की समाप्ति या पूर्ण जीत की आधिकारिक घोषणा करने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि ईरान पूरी तरह तबाह हो चुका है। 

‘ईरान तबाह हो चुका है’

ज्वाइंट बेस एंड्र्यूज जाते समय एयरफोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान, जब उनसे पूछा गया कि क्या वो युद्ध खत्म होने की घोषणा करने को तैयार हैं, तो ट्रंप ने कहा, “ऐसा कोई कारण नहीं दिखता। मैं बस इतना कहूंगा कि वो तबाह हो चुके हैं। हमने उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया है। अगर हम अभी हट भी जाएं, तो उन्हें फिर से खड़ा होने में 10 साल या उससे अधिक समय लगेगा। लेकिन मैं अभी यह नहीं कह रहा कि सब खत्म हो गया।”

‘ईरान के बड़े नेताओं को निशाना बनाया गया’

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है। उन्होंने कहा, “मेरे नजरिए से, हमने ईरान को असल में हरा दिया है। वो थोड़ा-बहुत पलटवार कर सकते हैं, लेकिन ज्यादा नहीं। हमने उनकी वायु सेना को नष्ट कर दिया है, उनकी वायु रक्षा प्रणालियों को खत्म कर दिया है। अब उनके पास कोई प्रभावी वायु रक्षा नहीं बची है।” उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान में ईरान के कई बड़े नेताओं को निशाना बनाया गया है।

ट्रंप ने खारग द्वीप पर अटैक का किया जिक्र

ट्रंप ने खारग द्वीप पर ईरान की प्रमुख तेल निर्यात सुविधा पर हमलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन तेल ढांचे को बरकरार रखा है। उन्होंने चेतावनी दी, “हमने खारग द्वीप पर हमला किया, जहां उनका एक छोटा हिस्सा ही बचा है। बाकी पाइपलाइनें और तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है। हम चाहें तो 5 मिनट में बाकी सबकुछ नष्ट कर सकते हैं, हमारे पास सब तैयार है। लेकिन मैंने अभी ऐसा ना करने का फैसला किया है। आगे देखते हैं क्या होता है।”

ट्रंप ने की सेना की तारीफ

ट्रंप ने ईरान पर बातचीत की इच्छा जताई, लेकिन कहा कि वो अभी तैयार नहीं हैं। “वो बातचीत करना चाहते हैं, बहुत ज्यादा। लेकिन मुझे नहीं लगता कि वो अभी इसके लिए तैयार हैं। जो जानकारी मुझे मिल रही है, उसके अनुसार वो काफी उत्सुक हैं, और उन्हें होना भी चाहिए। लेकिन वो अभी वह नहीं करने को तैयार हैं जो जरूरी है। फिर भी, किसी ना किसी मोड़ पर वो तैयार हो जाएंगे।” ट्रंप ने अमेरिकी सेना की प्रशंसा करते हुए कहा, “हमारी सेना अद्भुत है। उन्होंने जो किया, वह वाकई अविश्वसनीय है।”

क्या बोले ईरानी विदेश मंत्री?

इसके विपरीत, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप के दावों का खंडन किया। CBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान ने कभी युद्धविराम या बातचीत की मांग नहीं की है। अराघची ने जोर देकर कहा, “नहीं, हमने कभी युद्धविराम या बातचीत की मांग नहीं की। हम जितना जरूरी होगा, अपनी रक्षा के लिए तैयार रहेंगे।”

सारांश:

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर अमेरिका अभी अपने सैन्य या राजनीतिक कदमों से पीछे हट जाता है, तो ईरान की स्थिति को फिर से सामान्य होने में लगभग 10 साल लग सकते हैं। यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति और मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर गहरी छाया डालता है।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *