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25 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने एक खतरनाक मोड़ ले लिया है, जहां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल सहित कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों का असर इजरायल, कुवैत, जॉर्डन और बहरीन तक देखा गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने यह हमला अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए सैन्य हमलों के जवाब में किया है। इन हमलों में मुख्य रूप से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।

सूत्रों के अनुसार, ईरान ने एक साथ कई दिशाओं में मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च किए, जिनमें से कई को संबंधित देशों की एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, कुछ स्थानों पर नुकसान और हताहतों की भी खबरें सामने आई हैं।

इजरायल में कई शहरों में सायरन बजने लगे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। राजधानी तेल अवीव समेत कई इलाकों में मिसाइल हमलों का खतरा बना रहा। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका।

वहीं, कुवैत में एक ड्रोन हमले के बाद एयरपोर्ट क्षेत्र में आग लगने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। एयर डिफेंस सिस्टम ने बड़ी संख्या में मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट किया, लेकिन कुछ मलबा जमीन पर गिरने से नुकसान हुआ।

जॉर्डन में भी कई मिसाइलें और ड्रोन देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गए, जिन्हें वहां की सेना और अमेरिकी बलों ने मिलकर इंटरसेप्ट किया। हालांकि, गिरते मलबे के कारण कुछ नागरिक घायल हुए हैं।

इसी तरह, बहरीन में भी हमले की पुष्टि हुई है। यहां अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय के आसपास मिसाइल और ड्रोन गतिविधियां देखी गईं। कुछ रिपोर्ट्स में नागरिकों के घायल होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की बात भी कही गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने इन हमलों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह क्षेत्रीय स्तर पर जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम है। यह हमला केवल इजरायल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन देशों तक भी पहुंचा जहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है।

इस पूरे घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका ने इस क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक भेजने का निर्णय लिया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि स्थिति और बिगड़ सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह संघर्ष अब एक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसमें कई देश सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकते हैं। ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर भी इसका असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।

इस बीच, कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। कई देशों ने तनाव कम करने की अपील की है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है। हालांकि, जमीनी हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

यह स्पष्ट है कि ईरान द्वारा किए गए इन हमलों ने मध्य पूर्व की स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह संघर्ष और बढ़ता है या कूटनीतिक प्रयासों के जरिए इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

Summary

ईरान गार्ड्स ने इजरायल, कुवैत, जॉर्डन और बहरीन पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कई हमले इंटरसेप्ट हुए, लेकिन क्षेत्र में तनाव और युद्ध का खतरा बढ़ गया है।

Bharat Baani Bureau

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