26 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  हम अक्सर अपनी त्वचा को धूप से बचाने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी आंखें भी सनबर्न का शिकार हो सकती हैं? इसे मेडिकल भाषा में Photokeratitis कहा जाता है। यह एक अस्थायी लेकिन दर्दनाक स्थिति होती है, जो तेज धूप या अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों के संपर्क में आने से होती है।

क्या है आंखों का सनबर्न?

Photokeratitis तब होता है जब आंखों की सतह (कॉर्निया) UV किरणों से प्रभावित हो जाती है। यह ठीक उसी तरह है जैसे त्वचा पर सनबर्न होता है। यह समस्या खासकर तेज धूप, समुद्र किनारे, बर्फीले इलाकों या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ज्यादा देखने को मिलती है।

लक्षण क्या हैं?

आंखों में सनबर्न होने पर कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • आंखों में जलन या दर्द
  • लालिमा
  • धुंधला दिखना
  • आंखों से पानी आना
  • रोशनी के प्रति संवेदनशीलता (फोटोफोबिया)

इन लक्षणों का असर कुछ घंटों बाद भी महसूस हो सकता है और कई बार यह स्थिति बेहद असहज बना देती है।

क्यों होता है यह खतरा?

सूरज से निकलने वाली UV-A और UV-B किरणें आंखों के लिए हानिकारक होती हैं। लंबे समय तक बिना सुरक्षा के धूप में रहने से ये किरणें कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

कैसे करें बचाव?

1. सनग्लासेस का उपयोग करें

हमेशा ऐसे सनग्लासेस पहनें जो 100% UV प्रोटेक्शन देते हों। यह आंखों को सीधी धूप से बचाते हैं।

2. टोपी या कैप पहनें

चौड़ी किनारी वाली टोपी या कैप पहनने से आंखों पर सीधे पड़ने वाली धूप कम होती है।

3. दोपहर की धूप से बचें

दोपहर 10 बजे से 4 बजे के बीच सूरज की किरणें सबसे तेज होती हैं। इस समय बाहर निकलने से बचें या सावधानी बरतें।

4. पानी के पास अतिरिक्त सावधानी

समुद्र, झील या स्विमिंग पूल के पास UV किरणें पानी से रिफ्लेक्ट होकर आंखों पर ज्यादा असर डालती हैं। ऐसे में सनग्लासेस पहनना और भी जरूरी हो जाता है।

5. बच्चों की आंखों का रखें खास ध्यान

बच्चों की आंखें ज्यादा संवेदनशील होती हैं, इसलिए उन्हें भी UV प्रोटेक्शन वाले चश्मे पहनाना जरूरी है।

अगर आंखों को सनबर्न हो जाए तो क्या करें?

  • ठंडी पट्टी (कूल कम्प्रेस) का इस्तेमाल करें
  • आंखों को आराम दें और स्क्रीन से दूरी रखें
  • जरूरत हो तो डॉक्टर से सलाह लें
  • आर्टिफिशियल आंसू (eye drops) का उपयोग किया जा सकता है

विशेषज्ञों की सलाह

आंखों के डॉक्टरों का कहना है कि UV किरणों से बचाव केवल गर्मियों में ही नहीं, बल्कि सालभर जरूरी है। बादलों के पीछे भी UV किरणें मौजूद रहती हैं, इसलिए सावधानी हमेशा रखनी चाहिए।

निष्कर्ष

आंखों का सनबर्न एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या बन सकता है अगर इसे नजरअंदाज किया जाए। सही सुरक्षा उपाय अपनाकर हम अपनी आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।

सारांश:

आंखों को भी UV किरणों से सनबर्न हो सकता है। सनग्लासेस, टोपी और सावधानी से आंखों को सुरक्षित रखकर इस समस्या से बचा जा सकता है।

Bharat Baani Bureau

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