17 अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। Ravneet Singh Bittu ने दावा किया है कि Raghav Chadha प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में गवाह बन सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने Sanjeev Arora पर लुधियाना-चंडीगढ़ मार्ग पर जमीन के कथित दुरुपयोग का गंभीर आरोप भी लगाया है।
Ravneet Singh Bittu ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ED की जांच में कई नए खुलासे हो सकते हैं और इसमें कुछ बड़े नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि Raghav Chadha इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और गवाह के तौर पर सामने आ सकते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने Sanjeev Arora पर आरोप लगाया कि उन्होंने लुधियाना-चंडीगढ़ हाईवे के आसपास की जमीन का गलत तरीके से उपयोग किया। बित्तू ने दावा किया कि यह मामला नियमों के उल्लंघन और भूमि उपयोग में अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों पर अब तक Raghav Chadha या Sanjeev Arora की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं ने ऐसे आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताया है और कहा है कि विपक्ष केवल छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाज़ी आगामी चुनावी समीकरणों और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है। पंजाब में पहले से ही कई मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गरम है, और इस तरह के आरोप उस माहौल को और तीखा बना सकते हैं।
Ravneet Singh Bittu ने यह भी कहा कि यदि जांच निष्पक्ष रूप से होती है, तो सच्चाई सामने आ जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र की जांच एजेंसियों पर भरोसा जताया और कहा कि कानून अपना काम करेगा।
दूसरी ओर, AAP नेताओं का कहना है कि इस तरह के आरोप बिना सबूत के लगाए जा रहे हैं और इनका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ हासिल करना है। उनका कहना है कि पार्टी और उसके नेता किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। यदि ED इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाती है, तो इसका असर पंजाब की राजनीति पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, Ravneet Singh Bittu के आरोपों ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें Raghav Chadha और Sanjeev Arora की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले समय में जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं से इस मामले की दिशा तय होगी।
सारांश:
रवनीत बित्तू ने दावा किया कि राघव चड्ढा ED जांच में गवाह बन सकते हैं और संजीव अरोड़ा पर जमीन दुरुपयोग के आरोप लगाए, जिससे पंजाब की राजनीति गरमा गई।
