13  मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  अमेरिकी रक्षा विभाग Pentagon ने खुलासा किया है कि Iran के साथ जारी युद्ध में अब तक अमेरिका का खर्च लगभग 29 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। यह आंकड़ा पिछले अनुमान से करीब 4 अरब डॉलर अधिक है और इससे अमेरिकी राजनीति, अर्थव्यवस्था तथा रक्षा रणनीति पर नई बहस शुरू हो गई है।

Pentagon के कार्यवाहक comptroller Jules Hurst ने कांग्रेस की एक सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए अनुमान में सैन्य उपकरणों की मरम्मत, प्रतिस्थापन और ऑपरेशनल लागत शामिल हैं। यह बयान अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth और Joint Chiefs of Staff के अध्यक्ष General Dan Caine की मौजूदगी में दिया गया।

इससे पहले अप्रैल के अंत में Pentagon ने युद्ध लागत लगभग 25 अरब डॉलर बताई थी। लेकिन हालिया सैन्य गतिविधियों, हथियारों के इस्तेमाल और क्षेत्रीय तैनाती के कारण खर्च तेजी से बढ़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक लागत इससे भी अधिक हो सकती है, क्योंकि मौजूदा अनुमान में भविष्य की सैन्य तैनाती, क्षेत्रीय ठिकानों की मरम्मत और पूर्व सैनिकों से जुड़े दीर्घकालिक खर्च पूरी तरह शामिल नहीं हैं। कुछ आर्थिक विश्लेषकों ने कुल प्रभाव को 50 अरब डॉलर से कहीं अधिक बताया है।

अमेरिका में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील बन गया है। मध्यावधि चुनाव नजदीक आने के बीच विपक्षी नेता युद्ध की बढ़ती लागत को महंगाई, ईंधन कीमतों और घरेलू आर्थिक दबावों से जोड़कर सरकार पर हमला कर रहे हैं।

कांग्रेस की सुनवाई में कई सांसदों ने Pentagon से पूछा कि युद्ध के लिए अतिरिक्त फंडिंग कब मांगी जाएगी और कुल खर्च आखिर कितना बढ़ सकता है। हालांकि रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट समयसीमा या अंतिम अनुमान देने से परहेज किया।

इस युद्ध का असर केवल सैन्य बजट तक सीमित नहीं है। वैश्विक तेल बाजारों में अस्थिरता और Strait of Hormuz को लेकर तनाव ने ऊर्जा कीमतों को प्रभावित किया है। इससे अमेरिका सहित कई देशों में मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध के शुरुआती छह दिनों में ही अमेरिका को 11 अरब डॉलर से अधिक का खर्च उठाना पड़ा था। इसमें मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम, लॉजिस्टिक्स और सैन्य अभियानों पर भारी खर्च शामिल था।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे संघर्ष से अमेरिकी सैन्य संसाधनों और हथियार भंडार पर भी दबाव बढ़ सकता है। इसी कारण Pentagon 2027 के लिए बड़े रक्षा बजट की मांग कर रहा है।

इस बीच, अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सैन्य अभियान जरूरी है। लेकिन आलोचकों का तर्क है कि युद्ध की आर्थिक कीमत आम नागरिकों पर पड़ रही है, क्योंकि बढ़ती ऊर्जा लागत और महंगाई से उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संघर्ष को लेकर चिंता बनी हुई है। कई देशों और वैश्विक संस्थाओं ने अमेरिका और Iran से तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है।

कुल मिलाकर, Pentagon द्वारा जारी 29 अरब डॉलर का आंकड़ा यह दिखाता है कि Iran संघर्ष केवल सैन्य नहीं बल्कि आर्थिक और राजनीतिक रूप से भी अमेरिका के लिए बड़ा बोझ बनता जा रहा है। आने वाले महीनों में इसकी लागत और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं।

Summary

Pentagon के अनुसार, ईरान युद्ध में अमेरिका का खर्च 29 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया है, जिससे कांग्रेस में जवाबदेही और युद्ध की आर्थिक कीमत को लेकर बहस तेज हो गई है।

Bharat Baani Bureau

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