22 मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब के पठानकोट में सुरक्षा एजेंसियों ने एक कथित जासूसी नेटवर्क का खुलासा करते हुए Baljit Singh नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की आवाजाही की लाइव CCTV फीड पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, Baljit Singh उर्फ बित्तू पंजाब के पठानकोट जिले के चक्क धारीवाल गांव का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि उसने National Highway-44 के पठानकोट-जम्मू मार्ग पर एक दुकान के पास इंटरनेट आधारित CCTV कैमरा लगाया था। यह इलाका सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी ने जनवरी में यह कैमरा लगाया था ताकि सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पुलिस का आरोप है कि कैमरे की लाइव फीड इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव्स तक भेजी जा रही थी।
पठानकोट पुलिस और Crime Investigation Agency ने खुफिया सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पास से CCTV कैमरा और इंटरनेट WiFi राउटर बरामद किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि Baljit Singh को दुबई में मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति से निर्देश मिल रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी को इस काम के लिए लगभग 40,000 रुपये दिए गए थे।
पुलिस ने इस मामले में अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Vikramjit Singh, Balwinder Singh और Taranpreet Singh नामक व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह नेटवर्क कितना बड़ा था और इसके अंतरराष्ट्रीय संबंध कितने गहरे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पठानकोट-जम्मू मार्ग रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सेना की आवाजाही के लिए प्रमुख रास्तों में शामिल है। ऐसे में इस मार्ग की निगरानी से जुड़ा कोई भी मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जाता है।
हाल के महीनों में पंजाब पुलिस ने कई कथित ISI समर्थित जासूसी मॉड्यूल्स का खुलासा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले भी हाई-टेक CCTV कैमरों और डिजिटल उपकरणों के जरिए संवेदनशील सैन्य गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान भेजने के आरोप सामने आए थे।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और इंटरनेट आधारित निगरानी उपकरणों के कारण जासूसी गतिविधियों का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब साधारण दिखने वाले CCTV सिस्टम और डिजिटल डिवाइसेज भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का कारण बन सकते हैं।
इस घटना के बाद पंजाब के सीमावर्ती और रणनीतिक इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस अन्य संभावित नेटवर्क और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमावर्ती राज्यों में तकनीकी निगरानी और साइबर इंटेलिजेंस को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि ऐसे मामलों को शुरुआती स्तर पर रोका जा सके।
कुल मिलाकर, Baljit Singh की गिरफ्तारी ने एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती डिजिटल जासूसी गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और संभावित सुरक्षा खतरे की गहराई से जांच कर रही हैं।
