27 मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : Norway Chess 2026 के दूसरे राउंड में भारतीय खिलाड़ियों के लिए दिन निराशाजनक रहा। युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर R Praggnanandhaa को Alireza Firouzja के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जबकि विश्व चैंपियन Gukesh Dommaraju को Wesley So ने मात दी।
Norway में खेले जा रहे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दुनिया के कई शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और शुरुआती राउंड से ही मुकाबले बेहद रोमांचक दिखाई दे रहे हैं।
Praggnanandhaa और Firouzja के बीच मुकाबले को खास तौर पर युवा प्रतिभाओं की टक्कर माना जा रहा था। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत में संतुलित खेल दिखाया, लेकिन मध्य खेल में Firouzja ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए बढ़त बना ली।
विश्लेषकों के अनुसार, Alireza Firouzja ने समय प्रबंधन और tactical calculations में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दबाव की स्थिति में लगातार सटीक चालें चलीं, जिससे Praggnanandhaa के लिए वापसी मुश्किल हो गई।
दूसरी ओर, Gukesh Dommaraju और Wesley So के बीच मुकाबला लंबे समय तक बराबरी पर चलता दिखाई दिया। हालांकि एंडगेम में Wesley So ने अनुभव का फायदा उठाते हुए निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।
शतरंज विशेषज्ञों का कहना है कि Wesley So ने बेहद शांत और तकनीकी खेल दिखाया। उन्होंने छोटे positional advantages को धीरे-धीरे जीत में बदल दिया।
Gukesh Dommaraju हाल ही में विश्व चैंपियन बनने के बाद लगातार चर्चा में रहे हैं। इसलिए Norway Chess में उनके प्रदर्शन पर खास नजर रखी जा रही है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि elite-level chess tournaments में लगातार दबाव और शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबले बेहद चुनौतीपूर्ण होते हैं।
भारत में शतरंज प्रशंसकों ने दोनों खिलाड़ियों की हार के बावजूद उनका समर्थन किया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि यह केवल शुरुआती राउंड है और भारतीय खिलाड़ी वापसी करने की क्षमता रखते हैं।
R Praggnanandhaa और Gukesh Dommaraju को वर्तमान समय में भारत की नई chess generation का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता है।
विश्लेषकों का कहना है कि Norway Chess जैसे tournaments युवा खिलाड़ियों को विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ अनुभव हासिल करने का बड़ा मंच देते हैं।
इस बीच, अन्य मुकाबलों में भी कई दिलचस्प परिणाम देखने को मिले। शीर्ष खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर के कारण tournament standings लगातार बदल रही हैं।
Chess experts के अनुसार, Norway Chess की खास बात इसका aggressive format और classical games में भी fighting spirit है। खिलाड़ी draw से बचने और जीत के लिए जोखिम लेने की कोशिश करते हैं।
सोशल मीडिया पर Firouzja और Wesley So के प्रदर्शन की जमकर तारीफ हुई। कई chess fans ने दोनों खिलाड़ियों की strategic accuracy और endgame control को शानदार बताया।
विशेषज्ञों का कहना है कि tournament अभी शुरुआती चरण में है और आगे के राउंड में स्थिति तेजी से बदल सकती है।
भारतीय शतरंज समुदाय को उम्मीद है कि Praggnanandhaa और Gukesh आने वाले मुकाबलों में मजबूत वापसी करेंगे।
भारत पिछले कुछ वर्षों में global chess powerhouse के रूप में उभरा है और युवा खिलाड़ियों की सफलता ने खेल को नई लोकप्रियता दी है।
कुल मिलाकर, Norway Chess 2026 के दूसरे राउंड में भारतीय खिलाड़ियों को कठिन मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी, जबकि Firouzja और Wesley So ने अपने अनुभव और रणनीतिक खेल से महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।
