10 जून 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : पंजाब के आनंदपुर साहिब क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब आनंदपुर साहिब हाइडल नहर भानुपली सिफन के निकट ओवरफ्लो हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नहर में जल प्रवाह बढ़ने के कारण भानुपली सिफन के पास पानी नहर की निर्धारित सीमा से बाहर निकलने लगा। स्थानीय लोगों ने पानी के तेज बहाव को देखकर प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद संबंधित विभाग सक्रिय हो गए।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नहर की स्थिति का निरीक्षण किया और जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने नहर के किनारों और सिफन संरचना की जांच शुरू कर दी है ताकि ओवरफ्लो के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
घटना के बाद आसपास के गांवों के लोगों में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी आबादी वाले क्षेत्र को तत्काल खतरा नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है। फिर भी एहतियात के तौर पर निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को चौबीस घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जल स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।
कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों ने आशंका जताई है कि यदि पानी लंबे समय तक बाहर निकलता रहा तो आसपास की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि अभी तक किसी बड़े कृषि नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यदि कहीं मरम्मत या अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पाई जाती है तो तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
आनंदपुर साहिब हाइडल नहर क्षेत्र की सिंचाई और जल प्रबंधन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। ऐसे में नहर में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नहर के आसपास अनावश्यक रूप से एकत्र न हों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी तैनात किए जाएंगे।
फिलहाल राहत की बात यह है कि समय रहते प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं, जिससे स्थिति को नियंत्रण में रखने में मदद मिली। आने वाले दिनों में तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
