11 जून  2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :  पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के पास भारतीय चालक दल (Indian crew) वाले एक और वाणिज्यिक जहाज पर हमला होने की खबर सामने आई है। यह चार दिनों के भीतर भारतीय नाविकों से जुड़े जहाज पर तीसरा हमला माना जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं.

हालिया घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और खाड़ी-ए-ओमान (Gulf of Oman) क्षेत्र में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण जहाजरानी पहले से ही जोखिम में है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहले भी ओमान तट के निकट भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की थी।

रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में भारतीय चालक दल वाले कई जहाज हमलों या सैन्य कार्रवाई की चपेट में आए हैं। एक मामले में 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि दूसरे मामले में भारतीय नाविकों के लापता होने की सूचना सामने आई थी।

भारत सरकार लगातार ओमान और क्षेत्रीय अधिकारियों के संपर्क में है तथा भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि या जहाजों पर हमला वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।

समुद्री सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के कारण व्यापारी जहाजों के लिए जोखिम लगातार बढ़ रहा है। कई जहाज वैकल्पिक मार्गों और अतिरिक्त सुरक्षा उपायों का सहारा ले रहे हैं।

भारतीय शिपिंग समुदाय और नाविक संगठनों ने भी सरकार से क्षेत्र में कार्यरत भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की मांग की है।

फिलहाल संबंधित जहाज पर हुए ताजा हमले के नुकसान और चालक दल की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। भारतीय दूतावास और समुद्री एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Bharat Baani Bureau

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