13 अगस्त, 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : वैश्विक इंडेक्स प्रदाता MSCI ने अपने इंडेक्स में बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत चार भारतीय शेयरों को शामिल किया गया है, जबकि तीन शेयरों को बाहर किया गया है। ये बदलाव 1 सितंबर से प्रभावी होंगे।
MSCI इंडेक्स में किसी भारतीय कंपनी का शामिल होना विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए उसकी पहुंच और निवेश प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड आमतौर पर ऐसे बदलावों के बाद अपने पोर्टफोलियो में संबंधित शेयरों का वजन समायोजित करते हैं।
चार भारतीय शेयरों को शामिल किए जाने से उनमें संभावित विदेशी फंड फ्लो बढ़ने की उम्मीद बन सकती है। दूसरी ओर, इंडेक्स से बाहर किए गए तीन शेयरों पर संबंधित इंडेक्स-ट्रैकिंग फंडों की ओर से बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।
MSCI की रीबैलेंसिंग प्रक्रिया में कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन, फ्री-फ्लोट, लिक्विडिटी और अन्य निवेश मानदंडों जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इन बदलावों का असर केवल संबंधित शेयरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विदेशी निवेशकों के पोर्टफोलियो आवंटन और भारतीय इक्विटी बाजार में पूंजी प्रवाह पर भी पड़ सकता है।
