29 सितंबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): भारत में इस समय H1N1 इन्फ्लुएंजा वायरस प्रमुख फ्लू स्ट्रेन के रूप में सामने आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताजा निगरानी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जांच किए गए इन्फ्लुएंजा-पॉजिटिव सैंपल्स में करीब 75 फीसदी में A(H1N1)pdm09 वायरस पाया गया। यानी हर चार इन्फ्लुएंजा-पॉजिटिव सैंपल में लगभग तीन H1N1 के हैं।
WHO के आंकड़े 2026 के सप्ताह 36 और 37, यानी 1 से 14 सितंबर की अवधि से संबंधित हैं और 21 सितंबर को अपडेट किए गए थे। दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में कुल 3,632 सैंपल की जांच की गई, जिनमें 817 इन्फ्लुएंजा-पॉजिटिव पाए गए। क्षेत्र की कुल influenza positivity करीब 22 फीसदी रही।
भारत में H1N1 की हिस्सेदारी 75 फीसदी
WHO के surveillance data में भारत में A(H1N1)pdm09 की हिस्सेदारी इन्फ्लुएंजा-पॉजिटिव सैंपल्स में 75 फीसदी दर्ज की गई। यह दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के लगभग 50 फीसदी के आंकड़े से अधिक है।
क्षेत्र के अन्य देशों में भी H1N1 की मजबूत मौजूदगी देखी गई। भूटान में यह 97 फीसदी और थाईलैंड में 74 फीसदी इन्फ्लुएंजा-पॉजिटिव सैंपल्स में पाया गया। इससे पता चलता है कि इस अवधि में दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों में H1N1 प्रमुख circulating influenza strains में शामिल रहा।
हालांकि, WHO के इस आंकड़े को भारत में होने वाले सभी respiratory infections या सभी बुखार के मामलों का प्रतिनिधि आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। यह केवल निगरानी के लिए जांचे गए और इन्फ्लुएंजा-पॉजिटिव पाए गए सैंपल्स में वायरस के subtype distribution को दर्शाता है।
क्या H1N1 कोई नया वायरस है?
भारत में H1N1 को लेकर चिंता के बीच स्वास्थ्य अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट किया है कि वर्तमान में फैल रहा वायरस कोई नया या असामान्य H1N1 strain नहीं है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में circulating Influenza A(H1N1) वायरस A/Missouri/11/2025 (H1N1)pdm09-like वायरस से संबंधित हैं। इनके genetic analysis में clade 6B.1A.5a2a और subclade D.3.1.1 की पहचान हुई है। यह lineage 2025 से भारत में लगातार circulation में है।
ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने अगस्त में कहा था कि वायरस में देखे गए genetic changes seasonal influenza में होने वाले सामान्य antigenic drift के अनुरूप हैं। उन्होंने इसे किसी नए या अधिक खतरनाक influenza strain के उभरने का संकेत नहीं बताया था।
ज्यादातर स्वस्थ लोगों में बीमारी हल्की
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक seasonal influenza, जिसमें H1N1 भी शामिल है, आम तौर पर स्वस्थ लोगों में हल्की और self-limiting respiratory illness हो सकती है। बुखार, गले में खराश, खांसी, बदन दर्द, थकान और सिरदर्द जैसे लक्षण आम तौर पर देखे जा सकते हैं।
हालांकि, सभी मरीजों में बीमारी का असर समान नहीं होता। बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में complications का जोखिम अधिक हो सकता है। विशेषज्ञों ने ऐसे लोगों में लक्षण गंभीर या लगातार बने रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया है।
दिल्ली समेत कई जगहों पर बढ़े थे मामले
WHO के ताजा आंकड़ों से पहले भी भारत में H1N1 संक्रमण में वृद्धि को लेकर निगरानी बढ़ाई गई थी। अगस्त में दिल्ली में Influenza A के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई थी।
ICMR ने उस समय कहा था कि देश में बढ़ते मामले seasonal influenza pattern का हिस्सा हैं और उपलब्ध surveillance में किसी नए या असामान्य H1N1 वायरस के उभरने का संकेत नहीं मिला है। सरकार ने 73 DHR-ICMR Virus Research and Diagnostic Laboratories के नेटवर्क के जरिए influenza की epidemiological, virological और genomic surveillance जारी रखी है।
बचाव के लिए क्या करें?
फ्लू के प्रसार को कम करने के लिए विशेषज्ञों की सलाह में हाथों की नियमित सफाई, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना शामिल है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने पर्याप्त आराम और पानी पीने की सलाह भी दी है। गंभीर, लगातार बने रहने वाले या बिगड़ते लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के antiviral दवाएं या antibiotics लेने से बचने की सलाह दी गई है।
NCDC की वेबसाइट पर seasonal influenza के लिए clinical protocols, patient categorisation, home care और mask-use से संबंधित दिशानिर्देश भी उपलब्ध हैं।
निगरानी जारी, घबराने की जरूरत नहीं
WHO के ताजा आंकड़े बताते हैं कि सितंबर के पहले दो सप्ताह में भारत में influenza-positive samples के बीच H1N1 स्पष्ट रूप से प्रमुख strain था। लेकिन यह आंकड़ा अपने आप में किसी नए महामारी या नए वायरस के उभरने का प्रमाण नहीं है।
भारतीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अब तक के genomic surveillance के अनुसार वर्तमान H1N1 वायरस seasonal circulation के अनुरूप है। इसलिए विशेषज्ञों का जोर सतर्कता, संक्रमण से बचाव और जोखिम वाले मरीजों में समय पर चिकित्सा सहायता पर है।
फ्लू के मामलों और circulating strains में बदलाव को समझने के लिए surveillance जारी रहना महत्वपूर्ण है, क्योंकि influenza वायरस समय के साथ genetic बदलाव करते रहते हैं। WHO और भारतीय स्वास्थ्य एजेंसियों की निगरानी से आने वाले सप्ताहों में संक्रमण के रुझान और वायरस के subtype distribution की बेहतर तस्वीर सामने आएगी।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या लक्षण बिगड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
