8 अक्टूबर 2026 (भारत बाणी ब्यूरो): पंजाब में धान खरीद सीजन के दौरान अनाज मंडियों में फसल की आवक लगातार बढ़ रही है। पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बताया कि राज्य की मंडियों में अब तक करीब 8.50 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से धान की सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए मंडियों में जरूरी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को मंडियों में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और खरीद, उठान तथा भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार पूरी की जाए।
मंडियों में बढ़ रही धान की आवक
पंजाब देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में शामिल है और हर साल खरीफ सीजन में बड़ी मात्रा में धान मंडियों में पहुंचता है। कटारूचक के अनुसार, इस सीजन में अब तक 8.50 लाख मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की गई है।
फसल की कटाई में तेजी आने के साथ आने वाले दिनों में मंडियों में धान की आवक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में राज्य सरकार के सामने मंडियों में पर्याप्त जगह, बारदाना, खरीद एजेंसियों की सक्रियता और समय पर धान के उठान जैसी व्यवस्थाओं को बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी।
किसानों को खरीद में परेशानी न हो, अधिकारियों को निर्देश
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से मंडियों में किसानों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है। सरकार का जोर इस बात पर है कि किसान अपनी फसल मंडियों में लेकर आने के बाद अनावश्यक इंतजार न करें।
मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से खरीद प्रक्रिया की नियमित निगरानी करने और किसी भी स्तर पर समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। मंडियों में धान की गुणवत्ता की जांच, खरीद और आगे उठान की प्रक्रिया के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
धान की खरीद के साथ उठान भी महत्वपूर्ण
धान की मंडियों में आवक बढ़ने के साथ केवल खरीद ही नहीं, बल्कि खरीदे गए धान का समय पर उठान भी महत्वपूर्ण है। यदि मंडियों में खरीदा गया अनाज लंबे समय तक पड़ा रहता है तो नई फसल के लिए जगह की समस्या पैदा हो सकती है।
इसी वजह से खरीद एजेंसियों और संबंधित विभागों के लिए मंडियों से खरीदे गए धान को निर्धारित भंडारण स्थलों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण होगा। राज्य सरकार की ओर से इस पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने की बात कही गई है।
किसानों को समय पर भुगतान पर जोर
धान खरीद व्यवस्था में किसानों को उनकी उपज का समय पर भुगतान भी एक प्रमुख मुद्दा है। सरकार का कहना है कि खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों को भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
धान खरीद सीजन के दौरान सरकार, खरीद एजेंसियों, आढ़तियों और मंडी प्रशासन के बीच समन्वय इस प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
खरीद सीजन में आगे बढ़ेगी चुनौती
पंजाब में धान की कटाई और मंडियों में आवक आने वाले दिनों में और तेज होने की उम्मीद है। ऐसे में 8.50 लाख मीट्रिक टन की शुरुआती आवक के बाद प्रशासन के सामने मंडी व्यवस्था को लगातार सक्रिय बनाए रखने की चुनौती होगी।
सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े और खरीद के बाद धान का उठान भी समय पर हो। इसके साथ ही मंडियों में सफाई, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता बनाए रखना भी जरूरी होगा।
सरकार ने किसानों को दिया भरोसा
कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि पंजाब सरकार धान खरीद प्रक्रिया को लेकर लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही है। मंडियों में आने वाली फसल की मात्रा को देखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जैसे-जैसे धान की आवक बढ़ेगी, खरीद और उठान की गति बनाए रखना सरकार के लिए अहम रहेगा। फिलहाल राज्य की मंडियों में 8.50 लाख मीट्रिक टन धान की आवक इस सीजन की खरीद प्रक्रिया के आगे बढ़ने का संकेत है।
