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9 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो): भारत की प्रमुख आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने कहा है कि अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से जुड़ी हालिया कार्रवाई का उसकी भर्ती रणनीति और ग्राहकों के साथ कामकाज पर कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। कंपनी ने अमेरिका में स्थानीय प्रतिभाओं को नियुक्त करने की अपनी नीति दोहराते हुए अगले पांच वर्षों में 15,000 अतिरिक्त लोगों को नौकरी देने की योजना की पुष्टि की है। <Cite refs={[“turn358715search0″,”turn358715search3”]}/>

यह बयान अमेरिकी प्रशासन की ओर से TCS सहित आठ प्रौद्योगिकी कंपनियों को Permanent Labor Certification (PERM) कार्यक्रम में भाग लेने से निलंबित किए जाने के एक दिन बाद आया है। इस कदम से प्रभावित कंपनियों में Infosys, Wipro, HCLTech, Cognizant, Capgemini, Microsoft और Adobe भी शामिल हैं। <Cite refs={[“turn358715search2″,”turn358715search4”]}/>

TCS ने कहा—PERM आवेदन बहुत कम थे

TCS ने अपने बयान में कहा कि पिछले दो वर्षों में कार्यक्रम के तहत उसके PERM आवेदन एकल अंकों में थे। इसी वजह से कंपनी को उम्मीद है कि इस निलंबन से उसकी कार्यबल रणनीति या ग्राहक सेवाओं पर महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ेगा।

कंपनी ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी श्रम विभाग के किसी भी निर्देश का पालन करेगी। TCS के मुताबिक, अमेरिका में उसकी भर्ती रणनीति स्थानीय प्रतिभाओं को रोजगार देने और विश्वविद्यालयों से कैंपस भर्ती करने पर आधारित है। कंपनी ने बताया कि उसका स्थानीय कार्यबल देशभर में फैले 31 कार्यालयों और डिलीवरी केंद्रों में काम करता है। <Cite refs={[“turn358715search0″,”turn358715search1”]}/>

पांच साल में 15,000 नई नियुक्तियों की योजना

TCS ने अमेरिका में अपने स्थानीय कार्यबल को और मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों में 15,000 अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की योजना दोहराई है। कंपनी के अनुसार, स्थानीय प्रतिभाओं की भर्ती से उसे ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने और अमेरिकी बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। <Cite refs={[“turn358715search3″,”turn358715search5”]}/>

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी प्रशासन विदेशी कुशल कर्मचारियों के लिए उपलब्ध विभिन्न इमिग्रेशन कार्यक्रमों की समीक्षा और सख्ती कर रहा है। ऐसे माहौल में भारतीय आईटी कंपनियों के लिए स्थानीय नियुक्तियां बढ़ाना उनकी दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।

क्या है PERM कार्यक्रम?

PERM अमेरिका में रोजगार आधारित स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड की कुछ श्रेणियों के लिए इस्तेमाल होने वाली श्रम प्रमाणन प्रक्रिया है। इसके तहत नियोक्ता को सामान्य तौर पर यह प्रमाणित करना होता है कि संबंधित नौकरी के लिए पर्याप्त योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं और विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन या कामकाजी परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इस कार्यक्रम पर रोक का मतलब यह नहीं है कि सभी प्रकार के अमेरिकी वीजा या इमिग्रेशन आवेदन अपने आप बंद हो गए हैं। हालांकि, प्रभावित कंपनियों के लिए PERM प्रक्रिया के माध्यम से स्थायी निवास के कुछ मामलों में आगे बढ़ना फिलहाल बाधित हो सकता है। <Cite refs={[“turn358715news12″,”turn358715search4”]}/>

अमेरिकी प्रशासन की कार्रवाई में आठ कंपनियां शामिल

8 अक्टूबर को घोषित कार्रवाई के तहत अमेरिकी श्रम विभाग ने आठ प्रौद्योगिकी कंपनियों की PERM कार्यक्रम में भागीदारी निलंबित करने की घोषणा की। अमेरिकी अधिकारियों ने इस कदम को घरेलू कर्मचारियों के रोजगार अवसरों की रक्षा और विदेशी श्रमिकों से संबंधित कार्यक्रमों के संभावित दुरुपयोग की जांच से जोड़ा है। <Cite refs={[“turn358715news15″,”turn358715search4”]}/>

हालांकि, इस कार्रवाई के प्रभाव को लेकर उद्योग जगत में अलग-अलग आकलन सामने आए हैं। TCS ने अपने सीमित PERM आवेदन और स्थानीय भर्ती पर जोर देते हुए तत्काल प्रभाव कम रहने की बात कही है। दूसरी ओर, विश्लेषकों के अनुसार, लंबे समय में इमिग्रेशन संबंधी अनिश्चितता कंपनियों के लिए प्रतिभाओं को बनाए रखने और अनुपालन लागत के लिहाज से चुनौती पैदा कर सकती है। <Cite refs={[“turn358715news12″,”turn358715search5”]}/>

भारतीय आईटी उद्योग पर क्या हो सकता है असर?

अमेरिका भारतीय आईटी सेवा कंपनियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। ऐसे में वीजा और स्थायी निवास से जुड़े नियमों में बदलाव कंपनियों की नियुक्ति, कर्मचारियों की आवाजाही और परियोजनाओं के संचालन को प्रभावित कर सकते हैं।

उद्योग संगठन नैसकॉम ने कहा है कि इमिग्रेशन प्रक्रिया और कुशल कर्मचारियों की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को अलग-अलग मुद्दों के रूप में देखना चाहिए। उद्योग के आकलन के मुताबिक, PERM के जरिए स्थायी निवास हासिल करने वाले कर्मचारियों की संख्या कुल कार्यबल की तुलना में सीमित है। <Cite refs={[“turn358715news12″,”turn358715search3”]}/>

TCS का कहना है कि स्थानीय भर्ती पर आधारित उसकी रणनीति पहले से लागू है और वह अमेरिका में अतिरिक्त नियुक्तियां करने की अपनी योजना पर कायम है। अब यह देखना होगा कि अमेरिकी प्रशासन की आगे की कार्रवाई और नियामकीय बदलावों का भारतीय आईटी कंपनियों की दीर्घकालिक भर्ती योजनाओं पर कितना प्रभाव पड़ता है।

Bharat Baani Bureau

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