Notice: Trying to get property 'post_content' of non-object in /home/bharatbaani/htdocs/bharatbaani.com/wp-content/plugins/custom-css-js/custom-css-js.php on line 203

15 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अनुसार, जुलाई-सितंबर तिमाही में देश में कुल ऑटोमोबाइल बिक्री 18.2 प्रतिशत बढ़कर 83.88 लाख यूनिट पहुंच गई। खास बात यह रही कि दोपहिया, यात्री वाहन, वाणिज्यिक वाहन और तिपहिया समेत सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई।

SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, त्योहारी मांग, बेहतर उपभोक्ता धारणा और वाहनों की उपलब्धता में सुधार ने ऑटो बाजार को गति देने में मदद की। दूसरी तिमाही का प्रदर्शन भारतीय वाहन उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों में रिकॉर्ड बिक्री

दूसरी तिमाही में ऑटो उद्योग के लगभग सभी प्रमुख सेगमेंट में बिक्री बढ़ी। यात्री वाहनों की मांग मजबूत बनी रही, जबकि दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

ग्रामीण और छोटे शहरों में मांग में सुधार ने दोपहिया बाजार को समर्थन दिया। वहीं, शहरी क्षेत्रों में व्यक्तिगत वाहनों की मांग और नए मॉडल की उपलब्धता ने यात्री वाहन बाजार को मजबूती दी।

तिपहिया और वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ीं। लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स, निर्माण और परिवहन गतिविधियों में सुधार से वाणिज्यिक वाहनों की मांग को सहारा मिलने की संभावना है।

त्योहारी सीजन का मिला फायदा

ऑटो उद्योग के लिए जुलाई से सितंबर की अवधि महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इस दौरान त्योहारी खरीदारी का दौर शुरू हो जाता है। गणेश उत्सव, नवरात्रि, दशहरा और अन्य त्योहारों के दौरान वाहन खरीदने की प्रवृत्ति बढ़ती है।

त्योहारी सीजन से पहले कंपनियों की ओर से नए मॉडल, ऑफर और वित्तीय योजनाएं पेश किए जाने से भी ग्राहकों की रुचि बढ़ी। इस बार मजबूत बिक्री आंकड़े यह संकेत देते हैं कि उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता और वाहन खरीदने का भरोसा बेहतर हुआ है।

दोपहिया बाजार की मजबूत वापसी

भारत के ऑटो बाजार में दोपहिया वाहनों की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार, बेहतर मानसून और व्यक्तिगत परिवहन की जरूरत ने इस क्षेत्र की मांग को समर्थन दिया।

स्कूटर और मोटरसाइकिलों की बिक्री में बढ़ोतरी से वाहन निर्माताओं को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बढ़ती उपलब्धता भी बाजार में विकल्पों का विस्तार कर रही है।

उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत

SIAM के अनुसार, दूसरी तिमाही के रिकॉर्ड आंकड़े वाहन उद्योग की व्यापक मांग को दर्शाते हैं। सभी प्रमुख वाहन सेगमेंट में बिक्री बढ़ना इस बात का संकेत है कि बाजार में मांग केवल एक श्रेणी तक सीमित नहीं रही।

मजबूत बिक्री से वाहन निर्माताओं के साथ-साथ ऑटो कंपोनेंट कंपनियों, डीलरों, सर्विस सेंटरों और अन्य संबंधित व्यवसायों को भी लाभ मिल सकता है। इससे ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़ी पूरी सप्लाई चेन में गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

हालांकि, आगे उद्योग के प्रदर्शन पर ब्याज दरों, ईंधन की कीमतों, कच्चे माल की लागत और उपभोक्ता मांग जैसे कारकों का असर रहेगा। इसके बावजूद दूसरी तिमाही के रिकॉर्ड आंकड़ों ने भारतीय ऑटो बाजार के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।

Bharat Baani Bureau

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *