19 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नौ विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। रायपुर में खेले गए इस मुकाबले में भारत की जीत की नायिका सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा रहीं, जिन्होंने तूफानी अर्धशतक लगाया। कप्तान स्मृति मंधाना ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए टीम को आसान जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली, जबकि तीसरा मुकाबला अभी खेला जाना बाकी है।
गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे को बड़े स्कोर से रोका
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने खुलकर नहीं खेल सकी। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विपक्षी टीम को दबाव में रखा। जिम्बाब्वे की ओर से मुगेरी-तिरिपानो ने 34 रन बनाए। कप्तान जोसेफिन नकोमो के साथ उनकी साझेदारी टीम की पारी के प्रमुख योगदानों में रही।
इसके बावजूद जिम्बाब्वे निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट पर केवल 102 रन बना सकी। भारत की अनुशासित गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण ने जिम्बाब्वे को बड़े स्कोर तक पहुंचने का मौका नहीं दिया। युवा भारतीय गेंदबाज निकी प्रसाद ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहली दो गेंदों पर लगातार दो विकेट हासिल किए।
शेफाली वर्मा की विस्फोटक पारी
103 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। शेफाली वर्मा ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए महज 25 गेंदों में 55 रन ठोक दिए। उनकी पारी में कई शानदार चौके और छक्के शामिल रहे। उन्होंने शुरुआत से ही तेजी से रन बनाकर मुकाबले को एकतरफा कर दिया।
कप्तान स्मृति मंधाना ने दूसरे छोर से उनका अच्छा साथ निभाया। मंधाना ने नाबाद 47 रन बनाए और अपनी पारी के दौरान संयम तथा आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी की, जिससे भारत की जीत लगभग तय हो गई।
भारत ने केवल 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। शेफाली और मंधाना की शानदार बल्लेबाजी के सामने जिम्बाब्वे के गेंदबाज बेबस नजर आए।
पहले मैच की मुश्किल से उबरकर भारत की दमदार वापसी
सीरीज के पहले टी20 मुकाबले में जिम्बाब्वे की गेंदबाज न्याशा ग्वांजुरा ने भारतीय बल्लेबाजी को शुरुआती झटका देते हुए टीम का स्कोर पावरप्ले के भीतर 19 रन पर चार विकेट कर दिया था। उस मुकाबले में भारत को जीत हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा था।
दूसरे मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने पिछली गलतियों से सबक लेते हुए अधिक आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा प्रदर्शन किया। ग्वांजुरा इस बार प्रभाव नहीं छोड़ सकीं और उन्होंने तीन ओवर में 42 रन खर्च किए, जबकि उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। भारतीय टीम ने यह दिखाया कि दबाव से उबरकर परिस्थितियों के अनुसार खेलना उसकी बड़ी ताकत है।
तीसरे मैच में क्लीन स्वीप पर नजर
सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल करने के बाद भारतीय टीम की नजर अब अंतिम मुकाबले में भी जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप करने पर होगी। इस सीरीज से भारतीय खिलाड़ियों को अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की गहराई परखने का अवसर मिला है। विशेष रूप से शेफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और स्मृति मंधाना की निरंतरता टीम के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
जिम्बाब्वे के लिए अंतिम मैच में वापसी करना चुनौतीपूर्ण होगा। टीम को भारतीय बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ अपनी बल्लेबाजी में भी सुधार करना होगा। वहीं, भारतीय टीम जीत की लय बरकरार रखते हुए सीरीज का समापन एक और प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ करना चाहेगी।
