22 अक्टूबर 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CBI की टीम मानसा पहुंची और मामले से जुड़े तथ्यों तथा घटनास्थल की जानकारी जुटाई। इसी बीच झोटा के शव का पोस्टमार्टम पंजाब के पटियाला स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
झोटा की हत्या के बाद पंजाब में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। उनके समर्थकों और परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की थी। मामले की जांच CBI को सौंपे जाने के बाद अब केंद्रीय एजेंसी ने औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है।
मानसा पहुंची CBI टीम
FIR दर्ज करने के बाद CBI अधिकारियों की टीम मानसा पहुंची। टीम ने मामले से जुड़े स्थानीय अधिकारियों और जांच से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी लेने के साथ घटना के विभिन्न पहलुओं को समझने की कोशिश की।
जांच एजेंसी की टीम घटनास्थल और उससे जुड़े स्थानों का निरीक्षण कर सकती है तथा प्रत्यक्षदर्शियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा, पहले की गई पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेजों की भी समीक्षा की जा सकती है।
CBI जांच का उद्देश्य हत्या की पूरी परिस्थितियों और इसके पीछे के कारणों का पता लगाना तथा घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच करना है।
PGI में हुआ पोस्टमार्टम
झोटा की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर भी गतिरोध बना हुआ था। परिवार और समर्थकों की भावनाओं के बीच उनकी पत्नी ने प्रदर्शनकारियों से पोस्टमार्टम की अनुमति देने की अपील की थी।
अब शव का पोस्टमार्टम PGIMER में कराए जाने की जानकारी सामने आई है। संदिग्ध या हिंसक मौत के मामलों में पोस्टमार्टम जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इससे मौत के कारण, चोटों की प्रकृति और अन्य चिकित्सकीय साक्ष्यों की जानकारी प्राप्त करने में जांच एजेंसियों को मदद मिल सकती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आगे की जांच में महत्वपूर्ण दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल की जा सकती है।
हत्या के बाद हुआ था बड़ा विरोध
परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते थे। उनकी हत्या के बाद मानसा सहित पंजाब के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। समर्थकों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
मामले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और जांच एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की थी।
CBI को जांच सौंपे जाने के बाद परिवार और समर्थकों को उम्मीद है कि मामले की तह तक पहुंचकर हत्या के पीछे की पूरी साजिश और इसमें शामिल लोगों की भूमिका सामने आएगी।
अब CBI जांच पर नजर
FIR दर्ज होने के साथ मामले की जांच अब औपचारिक रूप से CBI के हाथों में है। एजेंसी हत्या से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्यों, पहले की जांच रिपोर्ट, गवाहों के बयान और तकनीकी या चिकित्सकीय साक्ष्यों की समीक्षा कर सकती है।
जांच के दौरान यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो CBI संबंधित लोगों से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका या अपराध में संलिप्तता को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता।
फिलहाल मानसा में CBI की गतिविधियों और PGI में हुए पोस्टमार्टम के बाद मामले की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। अब परिवार और समर्थकों की नजर इस बात पर है कि केंद्रीय एजेंसी जांच के दौरान किन तथ्यों को सामने लाती है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।
