06 जून चंडीगढ़ : चुनाव आयोग ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए हैं। पंजाब की खडूर साहिब सीट अमृतपाल सिंह ने जीती, जबकि जम्मू-कश्मीर की बारामूला सीट पर आतंकवाद को फंडिंग के आरोपी शेख अब्दुल राशिद उर्फ इंजीनियर राशिद ने जीत दर्ज की थी। जेल में बंद 2 उम्मीदवार इस बार संसदीय चुनाव विजेता बन कर सामने आए हैं, जिससे 18वीं लोकसभा के लिए असामान्य स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि कानून के तहत उन्हें नए सदन की कार्रवाई में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं होगी फिर भी उन्हें सांसद के रूप में शपथ लेने का संवैधानिक अधिकार है।
संविधान विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
शामिल कानूनी पहलुओं को समझाते हुए संविधान विशेषज्ञ और पूर्व लोकसभा महासचिव पी.डी.टी. आचारी ने ऐसे मामलों में संवैधानिक प्रावधानों का पालन करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संसद सदस्य के रूप में शपथ लेना एक संवैधानिक अधिकार है। आचारी ने कहा कि चूंकि वे फिलहाल जेल में हैं, इसलिए इंजीनियर राशिद और सिंह को शपथ ग्रहण समारोह के लिए संसद तक ले जाने के लिए अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।
शपथ लेने के बाद वापस जाना होगा जेल
आचारी ने कहा कि शपथ लेने के बाद उन दोनों को वापस जेल जाना होगा। वैधानिक पहलुओं को और स्पष्ट करने के लिए, आचारी ने संविधान के अनुच्छेद 101(4) का हवाला दिया, जो अध्यक्ष की पूर्व अनुमति के बिना संसद के दोनों सदनों से सदस्यों की अनुपस्थिति से संबंधित है। उन्होंने कहा कि शपथ लेने के बाद वे लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सदन में उपस्थित होने में अपनी असमर्थता के बारे में सूचित करेंगे, इसके बाद अध्यक्ष उनके अनुरोधों को सदन की अनुपस्थिति संबंधी समिति के पास भेज देंगे।
