नई दिल्ली 09 सितंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) . बॉलीवुड की दुनिया में कई फिल्में ऐसी हैं, जो अपने समय की सबसे बड़ी हिट साबित हुईं और आज भी क्लासिक का दर्जा रखती हैं. आज जहां फिल्में हाई-फाई बजट में तैयार होती हैं. वहीं, 36 साल पहले एक फिल्म सिर्फ 12 लाख के बजट में तैयार हुई और इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. इस फिल्म ने कमाई तो की ही, दर्शकों का दिल भी जीता और ढेरों पुरस्कार भी अपने नाम किए. फिल्म निर्माता और निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ये फिल्म लेकर आए थे, जिन्होंने ‘पीके’, ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ और ‘3 इडियट्स’ जैसी फिल्में इंडस्ट्री को दी हैं. फिल्म के दौरान सेट पर जैकी श्रॉफ ने अनिल कपूर को जड़े थप्पड़ ही थप्पड़ जड़े थे. क्या है माजरा चलिए बताते हैं…
ये फिल्म कोई और नहीं बल्कि ‘परिंदा’ है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया था. फिल्म की असली खासियत थी इसके सेट पर हुआ वो थप्पड़ कांड, जब जैकी श्रॉफ ने अपने को-स्टार अनिल कपूर को एक-दो रेपट नहीं बल्कि 17 थप्पड़ जड़े थे.
सिर्फ 12 लाख के बजट में तैयार हुई फिल्म
दरअसल, फिल्म के डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने अपनी फिल्म ‘खामोश’ (1985) के फ्लॉप होने के बाद ‘परिंदा’ बनाई. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बताया था, ‘हमने पूरी फिल्म सिर्फ 12 लाख रुपये के बजट में बनाई, जो उस स्केल की मूवी के लिए बहुत कम था.’ लेकिन इसी कमी ने फिल्म को रियलिस्टिक बनाया. बिना किसी आर्टिफिशियल सेट के लोकेशन, क्राउड और शूटिंग सब असली मुंबई में हुई.
ये फिल्म हिंदी सिनेमा में लाई रियलिज्म
फिल्म की कहानी दो भाइयों की है. एक अपराध की दुनिया में फंस जाता है, दूसरा सही रास्ते पर रहने की कोशिश करता है. जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, नाना पाटेकर और माधुरी दीक्षित की स्टार कास्ट ने इसे अमर बना दिया. ‘परिंदा’ सुपरहिट रही और इसके बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस ने रिकॉर्ड तोड़े. यह फिल्म हिंदी सिनेमा में रियलिज्म लाने का टर्निंग पॉइंट बनी.
सेट पर थप्पड़ों की बौछार
फिल्म का एक सीन था जहां जैकी के किरदार को अनिल को थप्पड़ मारना था. लेकिन डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा को परफेक्शन चाहिए था. फर्स्टपोस्ट को दिए पुराने इंटरव्यू में जैकी ने खुलासा किया था, ‘पहला शॉट ओके हो गया, अनिल का एक्सप्रेशन भी सही था. लेकिन डायरेक्टर ने कहा, ‘नहीं, एक और चाहिए.’ मैंने फिर थप्पड़ मारा फिर कहा, ‘एक और…’ इस तरह 17 बार थप्पड़ मारना पड़े.’ जैकी ने जोर देकर कहा, ‘हवा में थप्पड़ मारने से रिएक्शन नहीं आता. असली थप्पड़ ही सीन को रियल बनाता.’
विधु विनोद चोपड़ा निभाए थे 3 रोल
खास बात तो ये है कि विधु विनोद चोपड़ा ने परिंदा में 1-2 नहीं तीन रोल निभाए थे. फिल्म के प्रोडक्शन और डायरेक्शन ही नहीं इसकी स्क्रिप्ट भी इन्होंने ही लिखी थी.
फिल्म के नाम किए थे कई अवॉर्ड
विधु विनोद चोपड़ा के निर्देशन में बनी परिंदा को 37वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में 2 अवॉर्ड भी मिले थे. 3 नवंबर 1989 में रिलीज हुई फिल्म फिल्म में यूं तो बॉलीवुड की हिट जोड़ी माधुरी दीक्षित अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ जैसे सितारे लीड रोल में थे, लेकिन नाना पाटेकर ने सर्वश्रेष्ठ को-एक्टर का अवॉर्ड इस फिल्म के लिए अपने नाम किया था. इतना ही नहीं इस फिल्म की बेस्ट एडिटिंग के लिए रेनू सलूजा को भी अवॉर्ड मिला था. फिल्मफेयर में परिंदा ने 5 अवॉर्ड अपने नाम किए. यह फिल्म साबित करती है कि कम बजट में भी ग्रेट स्टोरी और डेडिकेशन से इतिहास रचा जा सकता है.
