वॉशिंगटन 12 दिसंबर 2025 (भारत बानी ब्यूरो ) : साउथ अमेरिका के वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी फोर्सेस ने एक तेल टैंकर पर नाटकीय कार्रवाई करते हुए कब्जा कर लिया. अमेरिका का आरोप है कि यह ब्लैक-मार्केट तेल लेकर जा रहा था. हेलीकॉप्टर से उतरते अमेरिकी कमांडो का वीडियो भी जारी किया गया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. इसे देख कर वैसा ही लगता है, जैसा हूती विद्रोहियों ने 2023 में एक जहाज पर उतरकर उसे अपने कब्जे में ले लिया था. इसके साथ ही बुधवार देर शाम अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति पर नए प्रतिबंध लगाए.
क्या अमेरिका ले जाया जाएगा टैंकर?
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि टैंकर जिसका नाम ‘स्किपर’ बताया गया है को अब अमेरिकी बंदरगाह ले जाया जाएगा और उस पर मौजूद तेल भी जब्त किया जाएगा. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर लगातार दबाव बढ़ा रहा है.
अमेरिका ने वेनेजुएला के जहाज पर क्यों कब्जा किया?
व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने कहा कि यह ऑपरेशन उन जहाजों को रोकने के लिए किया गया है जो ब्लैक मार्केट तेल बेचकर ड्रग्स और आतंकी नेटवर्क को फंडिंग देते हैं. अमेरिकी सरकार का दावा है कि वेनेजुएला के मादुरो शासन के जरिए बड़े स्तर पर नारको-ट्रैफिकिंग होती है, और ये जहाज उसी नेटवर्क का हिस्सा हैं.
अमेरिका पिछले कई महीनों से कैरिबियन में भारी सैन्य तैनाती कर रहा है. अमेरिका ने अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड फोर्ड को वेनेजुएला के करीब तैनात किया है. अमेरिकी कोस्टगार्ड ने हाल के महीनों में कई कथित ड्रग-बोट्स को निशाना बनाया है, जिनमें करीब 90 लोगों की मौत हुई है. इससे दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा गया है.
जहाज सीज होने पर क्या बोला वेनेजुएला?
दूसरी तरफ, वेनेजुएला ने इसे ‘अंतरराष्ट्रीय समुद्री डकैती’ करार दिया है. वेनेजुएला के विदेश मंत्रालय और वरिष्ठ मंत्री दियोसदादो काबेलो ने अमेरिका को “चोर, मर्डरर और पायरेट” तक कह दिया. उनका आरोप है कि अमेरिका वेनेजुएला का तेल हथियाने और देश को अस्थिर करने की साजिश कर रहा है.
वेनेजुएला को बाहर से समर्थन लेकिन अंदर विरोध
अमेरिका की ओर से वेनेजुएला पर जैसे-जैसे दबाव बढ़ रहा है, उसे बाहर से समर्थन मिल रहा है. वहीं देश के अंदर विरोध हो रहा है. अमेरिका की ओर से टैंकर सीज करने की कार्रवाई के तुरंत बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मादुरो को फोन कर समर्थन जताया. हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन युद्ध में उलझे रूस के पास वेनेजुएला की मदद करने का ज्यादा स्कोप नहीं है. वहीं वेनेजुएला में विपक्षी लीडर मारिया कोरिना मचाडो का कहना है कि वेनेजुएला पर आक्रमण का खतरा नहीं है, क्योंकि उस पर पहले ही हमला हो चुका है.
देखिए, कुछ लोग वेनेजुएला पर आक्रमण के खतरे की बात करते हैं. मेरा जवाब है कि हमला पहले ही हो चुका है. हमारी जमीन पर रूसी, ईरानी एजेंट मौजूद हैं. हिजबुल्लाह और हमास जैसे आतंकवादी समूह हैं, जो शासन की मंजूरी से बेरोकटोक काम कर रहे हैं. ड्रग कार्टेल मानव तस्करी और वैश्यावृत्ति के नेटवर्क में शामिल हैं. सरकार बहुत शक्तिशाली दमनकारी प्रणाली चलाती है. यह धन ड्रग तस्करी और तेल के ब्लैक मार्केट से आता है.- मारिया कोरिना मचाडो
अमेरिका ने कौन से नए प्रतिबंध लगाए?
अमेरिका ने जहाज पर कब्जे के बाद छह और जहाजों और मादुरो के रिश्तेदारों के खिलाफ अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए हैं. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई ‘ड्रग फनलिंग और भ्रष्टाचार’ को रोकने के लिए जरूरी है. अमेरिका के अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी की ओर से जारी वीडियो में अमेरिकी कमांडो टैंकर पर उतरते, दरवाजे तोड़ते और ब्रिज पर हथियार ताने हुए दिख रहे हैं. अमेरिका का कहना है कि यह जहाज क्यूबा की तरफ जा रहा था और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था.
सारांश:
ट्रंप ने पहले हूतियों की तरह तेल टैंकर पर कब्जा किया, अब वेनेजुएला पर नया हमला किया। इस बीच, मादुरो को बचाने के लिए पुतिन सक्रिय हो गए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ गया है।
