12 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : अगर आप क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते हैं या भविष्य में अकाउंट खोलने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। डिजिटल एसेट्स के बढ़ते दायरे के साथ जहां निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी है, वहीं मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी फंडिंग और अवैध लेनदेन जैसी एक्टिविटी ने सरकार की चिंता भी बढ़ा दी है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने क्रिप्टो एक्सचेंजों पर शिकंजा और कस दिया है। अब क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खोलना पहले जितना आसान नहीं रहेगा।

क्रिप्टो अकाउंट खोलने के नियम और सख्त

वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाली फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के लिए नए एंटी मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और केवाईसी (KYC) दिशानिर्देश जारी किए हैं। 8 जनवरी को जारी इन गाइडलाइंस के मुताबिक, अब केवल डॉक्यूमेंट अपलोड करके अकाउंट खोलने की अनुमति नहीं होगी। यूजर्स को अपनी पहचान साबित करने के लिए कई एक्स्ट्रा स्टेप्स से गुजरना होगा।

लाइव सेल्फी और जियो-टैगिंग अनिवार्य

नए नियमों के तहत अकाउंट बनाते समय यूजर को लाइव सेल्फी देनी होगी। इसमें आंख झपकाना या सिर हिलाने जैसे संकेतों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सामने मौजूद व्यक्ति असली है, न कि किसी फोटो या डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही जियो-टैगिंग भी जरूरी होगी, जिसमें यूजर की लोकेशन, तारीख, समय और आईपी एड्रेस रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे फर्जी पहचान और संदिग्ध एक्टिविटी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

पहचान सत्यापन होगा और मजबूत

अब पैन कार्ड के अलावा पासपोर्ट, आधार या वोटर आईडी जैसे किसी एक और पहचान पत्र की भी जरूरत होगी। ई-मेल और मोबाइल नंबर का ओटीपी वेरिफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा पेनी-ड्रॉप प्रक्रिया लागू की गई है, जिसके तहत बैंक खाते की पुष्टि के लिए एक रुपये का ट्रांजैक्शन किया जाएगा।

सारांश:
क्रिप्टोकरेंसी यूजर्स के लिए बड़ा झटका सामने आया है। अब क्रिप्टो अकाउंट खोलने के नियम पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं। नए दिशानिर्देशों के तहत केवाईसी (KYC) प्रक्रिया को कड़ा किया गया है, जिसमें पहचान और पते से जुड़े दस्तावेजों की सख्त जांच होगी। इसके अलावा संदिग्ध लेन-देन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और नियमों का पालन न करने पर अकाउंट फ्रीज या बंद किया जा सकता है। इन बदलावों का उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है, लेकिन इससे आम निवेशकों की प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा जटिल हो गई है।

Bharat Baani Bureau

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