20 जनवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : फलों के मुकाबले जूस पीना भले ही आपको पसंद हो लेकिन ये सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। जी हां जिस जूस को आप हेल्दी समझकर पीते हैं वो शरीर में ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है। जूस निकालते वक्त सारा फाइबर निकल जाता है, इसके बाद जूस में सिर्फ गाढ़ा शुगर ही बचती है। हमेशा जूस पीने से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्वों की भी कमी हो सकती है। जानिए लिवर के मरीज को फल या जूस क्या खाना चाहिए। क्या फैटी लिवर के मरीज को जूस पीना चाहिए? आइये डॉक्टर से जानते हैं।
शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉक्टर भुमेश त्यागी ने बताया कि कभी कभार फलों का जूस आप पी सकते हैं। लेकिन बहुत कम मात्रा में और बिना बिना चीनी मिलाए। इसलिए जिन लोगों को कोई बीमारी है फल नहीं खा सकते हैं वो सीमित मात्रा में जूस ले सकते हैं। लेकिन डायबिटीज, मोटापा या लीवर की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए फलों का रस फायदेमंद नहीं है। लिवर के मरीज के लिए जूस कभी भी साबुत फल का विकल्प नहीं होना चाहिए।
फैटी लिवर में फलों का जूस पी सकते हैं?
डॉक्टर की मानें तो ताजे फलों की मुकाबले फलों के जूस में ज्यादा फ्रक्टोज होता है। फ्रक्टोज एक तरह की शुगर है जो जूस से रूप में शरीर में जाने से जल्दी अवशोषित हो जाता है। लगातार ज्यादा मात्रा में फलों को जूस पीने से अतिरिक्त फ्रक्टोज लिवर तक पहुंच सकता है और वसा में बदल सकता है। इससे शरीर में जमा फैट कम होता है और फैटी लिवर रोग होने का खतरा और बढ़ जाता है।
वहीं जब आप फल खाते हैं तो शरीर को भरपूर फाइबर मिलता है, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करता है और ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करता है। जबकि सिर्फ जूस पीने से इंसुलिन का स्तर तेजी से बढ़ता है। इससे भूख कम हो जाती है। पेट को फुल रखने और संतुष्टि के लिए फल खाना अच्छा है।
जूस या फल, लिवर के लिए क्या है फायदेमंद?
साबुत फल सबसे ज्यादा हेल्दी विकल्प माने जाते हैं। इनमें नेचुरल फाइबर होता है। फलों में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। फाइबर पाचन में सहायता करता है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर स्टेबल रहता है। ये लिवर के लिए एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं। फल खाने से पेट भरा होने का एहसास भी होता है। इससे ज्यादा कैलोरी का सेवन करने से बचते हैं और लिवर संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है।
सारांश:
फैटी लिवर के मरीजों के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार, साबुत फल अधिक फायदेमंद होते हैं, जबकि जूस में शुगर अधिक होने के कारण नुकसान भी पहुंचा सकता है। सही विकल्प चुनकर लिवर की सेहत बेहतर रखी जा सकती है।
