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03 फरवरी 2026 (भारत बानी ब्यूरो) : लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने सोमवार को कहा कि उसने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए निर्माण से जुड़ा पहला कंसल्टेंट कॉन्ट्रैक्ट आयशा इंजीनियरिया आर्किटेक्चर और आयशा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के जॉइंट वेंचर को दिया है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने लखनऊ मेट्रो लाइन-2 के डिजाइन कंसल्टेंट कॉन्ट्रैक्ट के लिए ‘आयशा’ फर्म को सबसे कम बोली लगाने वाला बोलीदाता घोषित किया गया। लखनऊ मेट्रो फेज 1B प्रोजेक्ट के तहत आयशा की 15.90 करोड़ रुपये की बोली के आधार पर इस कॉन्ट्रैक्ट की सिफारिश की गई थी।

11.165 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर

कॉन्ट्रैक्ट के तहत, आयशा इंजीनियरिया आर्किटेक्चर और आयशा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का जॉइंट वेंचर इस कॉरिडोर के लिए पूरी डिटेल डिजाइन और कंसल्टेंसी सर्विस देने के लिए जिम्मेदार होगी। UPMRC के एक अधिकारी ने बताया कि सभी डिजाइन तैयार होने के बाद बिना देरी किए जमीन पर तुरंत ही काम भी शुरू कर दिया जाएगा। लखनऊ मेट्रो के लाइन-2 प्रोजेक्ट रणनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर है, जिसे 11.165 किलोमीटर के स्ट्रेच के रूप में प्लान किया गया है। ये कॉरिडोर लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन को वसंत कुंज से जोड़ेगा और पुराने लखनऊ के घने और ऐतिहासिक इलाकों से होकर गुजरेगा। इस कॉरिडोर में 12 स्टेशन होंगे, जिससे शहर भर में पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट को भारत सरकार द्वारा अगस्त 2025 में 5801 करोड़ रुपये की अनुमानित कुल लागत के साथ निर्माण के लिए मंजूरी दी गई थी। 

अंडरग्राउंड सेक्शन की लंबाई होगी 6.87 किमी

फेज 1B की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ की लाइन-2 के एलिवेटेड सेक्शन की लंबाई 4.28 किमी होगी जबकि अंडरग्राउंड सेक्शन की लंबाई 6.87 किमी होगी। डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के अनुसार, लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में वसंत कुंज और ठाकुरगंज के बीच 5 स्टेशनों के साथ 4.286 किमी का एलिवेटेड अलाइनमेंट तथा चारबाग और निवाजगंज के बीच 7 स्टेशनों के साथ 6.879 किमी का अंडरग्राउंड अलाइनमेंट शामिल होगा। वसंत कुंज में एक मेट्रो डिपो बनाने की भी योजना है। 

सारांश:

पैरों में कुछ संकेत बीमारियों की जानकारी देते हैं। अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें अनदेखा करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। नियमित जांच और सावधानी जरूरी है।

Bharat Baani Bureau

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