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09 फ़रवरी2026 (भारत बानी ब्यूरो) : भारत में हर साल कैंसर के 15 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। अब भारत पूरी दुनिया में कुल कैंसर के मामले में टॉप 3 देशों में शामिल हो गया है। चीन और अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा कैंसर के मामले भारत में ही सामने आ रहे हैं। खतरनाक बात ये है कि युवाओं में कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। जिसकी शुरुआती पहचान होना मुश्किल हो जाता है। कैंसर के लक्षण शुरुआती स्टेज में बहुत हल्के और सामान्य बीमारी के जैसे होते हैं, जिन्हें लोग नजरअंदाज कर बैठते हैं। कैंसर शरीर के अंदर चुपचाप बढ़ता रहता है और जब इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई देने लगते हैं जब तक कई बार कैंसर स्टेज III या IV तक पहुंच चुका होता है। खासतौर से पेट या ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण मरीज को तब तक कुछ नोटिस नहीं होते जब तक बीमारी एडवांस स्टेज में नहीं पहुंच जाती। पेट फूलना, हल्का दर्द या थकान को लोग मामूली बात समझकर छोड़ देते हैं.

कैंसर के लक्षण जिन्हें लोग सामान्य समझकर कर देते हैं नजरअंदाज

डॉक्टर वैशाली जामरे (डायरेक्टर सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और हेड, ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी, एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल, सोनीपत) ने बताया कि कई बार लोग कैंसर के लक्षणों को तनाव, उम्र बढ़ने, या लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। 

पहला लक्षण- कई बार आपने लोगों को कहते सुना होगा कि बढ़ती उम्र की वजह से लगातार थकान, बिना किसी वजह के वजन कम होना और खाने की आदतों में बदलाव आने लगे हैं। लेकिन इन्हें ज्यादा नज़रअंदाज़ करना सही नहीं है। लंबे समय तक अपच, पेट साफ़ होने की आदतों में बदलाव या रेगुलर पेट फूलना खराब खाने की आदतों या तनाव की वजह से होता है। हालांकि ये लक्षण आम हैं लेकिन इनका लगातार बने रहना ही लोगों को परेशान करता है। ऐसे कई भी लक्षण 2-3 हफ्ते तक रहें तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

दूसरा लक्षण- कई बार कुछ चेतावनी वाले संकेत आते जाते रहते हैं। जिसमें कुछ लक्षण कैंसर की ओर इशारा करते हैं।मल में कभी-कभी खून आता है या खांसी जो ठीक हो जाती है लेकिन फिर वापस आ जाती है। आवाज़ जो बार-बार खराब लगती है। ये लक्षण कई बार अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसा होते रहना सही नहीं है। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

सारांश:

भारत में हर साल करीब 15 लाख लोग नए कैंसर के मामलों का सामना कर रहे हैं। शुरुआती तीन लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन्हें नजरअंदाज करने से समय पर इलाज नहीं हो पाता और स्थिति गंभीर हो सकती है।

Bharat Baani Bureau

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