10 फ़रवरी2026 (भारत बानी ब्यूरो) : हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हार्ट अटैक किसी भी उम्र के इंसान को आ सकता है। कई बार आप हार्ट अटैक के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं जो खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। कई बार हार्ट अटैक के वक्त आप अकेले होते हैं। ऐसे में समझ नहीं आता कि क्या करें। इंसान डर से पैनिक हो जाता है और जान बचाना मुश्किल हो जाता है। इसके लिए जरूरी है कि आपको हार्ट अटैक के लक्षणों की पहचन पता हो और अगर अकेले में कोई ऐसे लक्षण महसूस हों तो कुछ बातों का ख्याल रखें। अकेले में हार्ट अटैक आने पर डॉक्टर के बताए ये टिप्स आपकी जान बचा सकते हैं।
हार्ट अटैक के लक्षण
- पहला लक्षण बाएं हाथ में दर्द और अकड़न होना।
- दूसरा लक्षण सीने में दबाव या भारीपन होना या अकड़न महसूस होना।
- तीसरा लक्षण है कि अचानक बहुत ज्यादा पसीना आना।
- चौथा लक्षण है सांस लेने में तकलीफ होना।
- पांचवां लक्षण है अंदर से अचानक से ठंड लगना और रात में घरबाहट।
- छठा लक्षण है कि रात में अचानक सीने में जलन या एसिडिटी महसूस होना।
अकेले में हार्ट अटैक आने पर क्या करें?
अगर आपको ये सारे लक्षण या इनमें से कुछ लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। अगर आप अकेले हैं और ऐसा महसूस हो रहा कि ये हार्ट अटैक की स्थिति हो सकती है। तो कुछ बातों को ध्यान में रखें। इससे आप अपनी या किसी दूसरे मरीज की जान बचा सकते हैं।
पहला स्टेप- हार्ट अटैक के लक्षण महसूस हों तो सबसे फिजिकल मूवमेंट तुरंत बंद कर दें। एक जगह पर शांत होकर बैठ जाएं, क्योंकि चलने फिरने से चक्कर आ सकते हैं और गिरने का खतरा अलग से हो सकता है।
दूसरा स्टेप- अब 45 डिग्री आगे की ओर झुककर बैठें, क्योंकि इससे ब्लड सर्कुलेशन थोड़ा बेहतर हो जाता है। कमर को थोड़ा आगे की ओर झुकाकर बैठें।
तीसरा स्टेप- इसके बाद इमरजेंसी स्टेप है कि अगर घर में डिस्प्रिन है तो 1 गोली चबा लें। अगर आपके डॉक्टर ने कभी किसी स्थिति में डिस्प्रिन खाना मना कर रखा हो तो बचें। डिस्प्रिन आपको एंबुलेंस आने तक का समय दे देती है।
चौथा स्टेप- ऐसी स्थिति में तुरंत अपने मोबाइल से एंबुलेंस को फोन करें। किसी इमरजेंसी सर्विस के लिए कॉल करें। परिवार के लोगों को कॉल या मैसेज करें।
पांचवां स्टेप- सबसे महत्वपूर्ण है कि घर के सारे खिड़की और दरवाजे खोलकर रखें, ताकि मदद आप तक जल्दी पहुंच सके। पैनिक बिल्कुल न करें। इस समय शांत रहना सबसे ज्यादा जरूरी है।
सारांश:
अगर कोई व्यक्ति अकेले होते समय हार्ट अटैक का शिकार हो जाए, तो तुरंत सही कदम उठाना जीवन रक्षक साबित हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, तुरंत मदद मांगना, घर पर उपलब्ध दवा जैसे एस्पिरिन लेना, आरामदायक स्थिति में बैठना या लेटना, और आपातकालीन नंबर पर कॉल करना बेहद जरूरी है। इन सावधानियों से गंभीर जोखिम को कम किया जा सकता है और समय रहते इलाज संभव हो पाता है।
