26 मार्च 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच Israel की सेना ने दावा किया है कि उसने Iran के भीतर “वाइड-स्केल” यानी बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इन हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और वैश्विक स्तर पर चिंता गहरा दी है।

इज़राइली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, यह हमले ईरान के सैन्य ढांचे और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए। बताया गया है कि इन हमलों में तेहरान, इस्फहान और पश्चिमी ईरान के कई हिस्सों में स्थित महत्वपूर्ण सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया गया।

IDF ने अपने बयान में कहा कि यह अभियान ईरानी “सैन्य नेटवर्क” और विशेष रूप से बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइट्स को कमजोर करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले एक समन्वित सैन्य कार्रवाई के तहत किए गए, जिसमें एक ही समय पर कई स्थानों पर हवाई हमले किए गए। इससे यह संकेत मिलता है कि इज़राइल इस संघर्ष में अपनी रणनीतिक बढ़त बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

इन हमलों से पहले भी इज़राइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके बाद यह संघर्ष और तेज हो गया। फरवरी 2026 से शुरू हुए इस युद्ध में दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।

दूसरी ओर, Iran ने भी इन हमलों का जवाब दिया है। ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए इज़राइल और उसके सहयोगियों को निशाना बनाया है। इस जवाबी कार्रवाई ने हालात को और जटिल बना दिया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़राइली हमलों के बाद कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं और कुछ स्थानों पर धुआं उठता देखा गया। हालांकि, नुकसान और हताहतों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के “वाइड-स्केल” हमले इस बात का संकेत हैं कि संघर्ष अब सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पूर्ण सैन्य अभियान का रूप लेता जा रहा है। इससे क्षेत्रीय युद्ध के और फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। कई देशों और संगठनों ने कहा है कि अगर यह संघर्ष इसी तरह जारी रहा, तो इसका असर वैश्विक शांति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

ऊर्जा बाजार भी इस तनाव से प्रभावित हो रहे हैं। मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ने के कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इज़राइल के इन हमलों का उद्देश्य केवल तत्काल सैन्य नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि ईरान की दीर्घकालिक सैन्य क्षमता को कमजोर करना भी है।

हालांकि, ईरान की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि वह इन हमलों का जवाब देना जारी रखेगा और अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि Israel और Iran के बीच तनाव अभी खत्म होने वाला नहीं है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस संघर्ष को रोक पाते हैं या फिर यह और अधिक गंभीर रूप ले लेता है।

निष्कर्ष के तौर पर, इज़राइल द्वारा किए गए “वाइड-स्केल” हमले इस युद्ध में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकते हैं, जो क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर गहरे प्रभाव छोड़ सकते हैं।

सारांश:

इज़राइल ने ईरान में बड़े पैमाने पर हमले किए, कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ा और संघर्ष के और गंभीर होने की आशंका बढ़ गई है।

Bharat Baani Bureau

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