21 अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) :   Jasmine Sandlas, जो इन दिनों Dhurandhar 2 के गानों से सुर्खियों में हैं, ने अपने परिवार के संघर्ष भरे अतीत को लेकर भावुक खुलासा किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कैसे उनके पिता ने भारत में एक प्रतिष्ठित और उच्च पद की नौकरी छोड़ दी थी, ताकि परिवार को बेहतर भविष्य देने के लिए अमेरिका जा सकें।

जैस्मीन ने बताया कि जब वह 8वीं–9वीं कक्षा में थीं, तब उनका परिवार New York पहुंचा। उस समय उन्हें अंग्रेज़ी तक ठीक से नहीं आती थी और परिवार को नए माहौल में खुद को ढालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने याद करते हुए कहा कि भारत में उनके पिता एक “पावरफुल पोजिशन” पर थे और लॉ स्कूल के टॉपर भी रहे थे, लेकिन अमेरिका पहुंचने के बाद हालात बिल्कुल बदल गए। नौकरी पाने के लिए उन्हें फिर से पढ़ाई करनी पड़ती या कोई छोटा काम करना पड़ता, इसलिए उन्होंने शुरुआत में गैस स्टेशन पर काम किया।

जैस्मीन के शब्दों में, उनके पिता “पेट्रोल पंप पर गैस भरते थे”—एक ऐसा काम जिसे उन्होंने “मजदूर स्तर का काम” बताया। यह बदलाव परिवार के लिए भावनात्मक और आर्थिक दोनों ही रूप से चुनौतीपूर्ण था।

परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वे छह लोग एक छोटे से एक-बेडरूम घर में रहते थे और ‘लो-इनकम’ कैटेगरी में आते थे। खाने के लिए उन्हें फूड स्टैम्प्स का सहारा लेना पड़ता था।

सिर्फ उनके पिता ही नहीं, उनकी मां ने भी परिवार को संभालने के लिए कठिन मेहनत की। जैस्मीन ने बताया कि उनकी मां फैक्ट्री में काम करती थीं, चेरी तोड़ती थीं और मजदूरी जैसे काम करती थीं।

उन्होंने एक भावुक घटना भी साझा की—सर्दियों में उनके पिता बिना जूते के बर्फ में काम करते थे, क्योंकि जूते खरीदना भी उनके लिए महंगा था। यह याद उनके बचपन की कठिनाइयों को साफ दर्शाती है।

हालांकि, समय के साथ हालात बदले। परिवार के कैलिफोर्निया शिफ्ट होने के बाद उनके पिता फिर से कानूनी क्षेत्र से जुड़े और एक इंटरप्रेटर के रूप में काम करने लगे, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।

जैस्मीन सैंडलस की यह कहानी केवल संघर्ष की नहीं, बल्कि त्याग और दृढ़ता की भी मिसाल है। उनके पिता का फैसला—एक सुरक्षित और सम्मानजनक करियर छोड़कर नए देश में शून्य से शुरुआत करना—उनके परिवार के भविष्य के लिए लिया गया बड़ा जोखिम था।

आज जैस्मीन सैंडलस एक सफल गायिका हैं और Dhurandhar 2 के गानों से उन्हें व्यापक पहचान मिली है। लेकिन उनकी यह सफलता उनके परिवार के संघर्ष और बलिदान की नींव पर खड़ी है।

कुल मिलाकर, यह कहानी उन लाखों प्रवासी परिवारों की हकीकत को सामने लाती है, जो बेहतर जीवन की तलाश में सब कुछ छोड़कर नए देश में संघर्ष करते हैं।

सारांश:

जैस्मीन सैंडलस ने बताया कि उनके पिता ने भारत की बड़ी नौकरी छोड़ अमेरिका में गैस स्टेशन पर काम किया, परिवार ने गरीबी और मजदूरी भरे संघर्ष से गुजरकर सफलता हासिल की।

Bharat Baani Bureau

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