11 मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : वैश्विक बाजारों में सोमवार को भारी हलचल देखने को मिली, जब Donald Trump ने ईरान की ओर से आए शांति प्रस्ताव के जवाब को “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया। इसके तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और निवेशकों की चिंता फिर बढ़ गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Iran ने अमेरिका के प्रस्तावित शांति ढांचे के जवाब में युद्ध समाप्त करने, प्रतिबंध हटाने और क्षेत्रीय सुरक्षा गारंटी जैसी मांगें रखी थीं। साथ ही तेहरान ने Strait of Hormuz पर अपनी संप्रभुता पर जोर दिया।
हालांकि, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के प्रस्ताव को “TOTALLY UNACCEPTABLE” बताया। इसके बाद बाजारों ने संकेत दिया कि मध्य-पूर्व में तनाव जल्द खत्म होने की उम्मीद कमजोर पड़ रही है।
तेल बाजार पर इसका सबसे बड़ा असर दिखाई दिया। Brent crude और WTI crude दोनों में 3% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। कुछ समय के लिए Brent crude 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। निवेशकों को डर है कि यदि Strait of Hormuz लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर गंभीर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया के लगभग 20% तेल परिवहन का रास्ता इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर ऊर्जा कीमतों और वैश्विक मुद्रास्फीति पर पड़ता है।
अमेरिकी शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। Dow futures, S&P 500 futures और Nasdaq futures में गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि निवेशकों ने भू-राजनीतिक जोखिमों और ऊंची तेल कीमतों के प्रभाव का आकलन करना शुरू किया।
हालांकि टेक्नोलॉजी और AI सेक्टर को लेकर उत्साह अब भी बना हुआ है, लेकिन ऊर्जा संकट और युद्ध की आशंका ने बाजार की तेजी को सीमित कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल बाजार “उम्मीद और डर” के बीच झूल रहा है।
इस बीच, Donald Trump की प्रस्तावित Beijing यात्रा भी चर्चा में है। माना जा रहा है कि वह Xi Jinping के साथ ईरान संकट, व्यापार और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। चीन को तेहरान पर प्रभाव रखने वाला महत्वपूर्ण खिलाड़ी माना जाता है।
दूसरी ओर, मध्य-पूर्व में तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि क्षेत्र में छिटपुट सैन्य गतिविधियां और ड्रोन हमले जारी हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि संघर्ष विराम अभी भी बेहद नाजुक स्थिति में है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर तीन प्रमुख बातों पर रहेगी—अमेरिका-ईरान वार्ता, Strait of Hormuz की स्थिति और तेल कीमतों की दिशा। यदि तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक शेयर बाजारों और मुद्रास्फीति दोनों पर असर गहरा सकता है।
कुल मिलाकर, ट्रंप द्वारा ईरान के जवाब को खारिज किए जाने से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। तेल कीमतों की तेजी ने यह साफ कर दिया है कि निवेशक अभी भी मध्य-पूर्व संकट को दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा मान रहे हैं।
Summary
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव जवाब को अस्वीकार्य बताया, जिससे तेल कीमतों में तेज उछाल आया और वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंता बढ़ गई।
