13  मई अप्रैल 2026 (भारत बानी ब्यूरो ) : भारत सरकार द्वारा सोना, चांदी और अन्य धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले के बाद घरेलू मेटल शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही Hindustan Zinc, Vedanta, National Aluminium Company (NALCO) और अन्य धातु कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी दर्ज की गई।

विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार के इस फैसले से घरेलू उत्पादकों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है। आयात महंगा होने से भारतीय कंपनियों की मांग बढ़ सकती है, जिसका सीधा फायदा घरेलू मेटल उद्योग को मिल सकता है।

शेयर बाजार में मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। निवेशकों ने माना कि आयात शुल्क बढ़ने से स्थानीय कंपनियों के मुनाफे में सुधार हो सकता है। इसी उम्मीद में मेटल इंडेक्स में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।

Hindustan Zinc के शेयरों में मजबूत उछाल देखने को मिला। कंपनी को जिंक और अन्य धातुओं के घरेलू बाजार में मजबूत स्थिति का फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

वहीं Vedanta के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की विविध धातु और खनन गतिविधियों के कारण उसे नीति बदलाव का व्यापक लाभ मिल सकता है।

National Aluminium Company (NALCO) समेत एल्युमिनियम और बेस मेटल कंपनियों के शेयर भी तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आयातित धातुएं महंगी होती हैं तो घरेलू कंपनियों की बिक्री और मार्जिन बेहतर हो सकते हैं।

सरकार द्वारा आयात शुल्क बढ़ाने के पीछे घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन देना और व्यापार घाटे को नियंत्रित करना प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसके अलावा, वैश्विक अस्थिरता और बढ़ती कमोडिटी कीमतों के बीच सरकार घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना चाहती है।

हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि आयात शुल्क बढ़ने से आभूषण उद्योग और उन क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है जो आयातित धातुओं पर निर्भर हैं। सोना और चांदी महंगे होने से उपभोक्ता मांग पर असर पड़ सकता है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों का फोकस उन कंपनियों पर है जिनकी घरेलू उत्पादन क्षमता मजबूत है और जो आयात प्रतिस्पर्धा से कम प्रभावित होती हैं।

वैश्विक स्तर पर भी धातु बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी है। अमेरिका-ईरान तनाव, ऊर्जा कीमतों में तेजी और सप्लाई चेन संबंधी चिंताओं का असर कमोडिटी बाजारों पर देखा जा रहा है। ऐसे माहौल में भारतीय नीति बदलाव ने घरेलू मेटल शेयरों को अतिरिक्त समर्थन दिया है।

ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में मेटल सेक्टर में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन नीति समर्थन के कारण घरेलू कंपनियों के प्रति निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और घरेलू मांग मजबूत रहती है, तो भारतीय मेटल कंपनियों के प्रदर्शन में और सुधार देखने को मिल सकता है।

कुल मिलाकर, आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले ने भारतीय मेटल सेक्टर को नई ऊर्जा दी है। Hindustan Zinc, Vedanta और National Aluminium Company जैसी कंपनियां निवेशकों के रडार पर बनी हुई हैं और बाजार इस नीति के दीर्घकालिक प्रभाव पर नजर रखे हुए है।

Summary

भारत द्वारा धातुओं पर आयात शुल्क बढ़ाने के बाद हिंदुस्तान जिंक, वेदांता और NALCO सहित मेटल शेयरों में तेजी आई, जिससे घरेलू उद्योग को संभावित फायदा मिलने की उम्मीद बढ़ी।

Bharat Baani Bureau

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